राजस्थान में एसीबी ने एक डॉक्टर राघव डोई और पशुधन निरीक्षक सोनू रैगर को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी जैसलमेर के पशु चिकित्सालय में पोस्टेड हैं. आरोप है कि दोनों ने मिलीभगत कर सरकारी योजना की अनुदान राशि दिलाने के नाम पर पैसे खा लिए. इस कार्रवाई को बाड़मेर एसीबी ने अंजाम दिया. इन दोनों आरोपियों को परिवादी से 3000 रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया हैं.
आरोपियों ने पशुपालकों से मांगे 4 हजार रुपये
बाड़मेर की एसीबी चौकी को शिकायत मिली थी कि आरोपियों ने पशुपालकों से कुल 4 हजार रुपये की डिमांड की थी. शिकायत का सत्यापन करने के बाद ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और सोनू की गिरफ्तारी के बाद डॉ. राघव की भूमिका भी खुलासा हुआ. आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच की जाएगी.
पहले ऑनलाइन लिए, कैश लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
दरअसल, राजस्थान में पशुपालन विभाग द्वारा 'ऊंट संरक्षण योजना' के तहत 10 हजार की 2 किश्तें मिलती है. गर्भवती ऊंटनी के संरक्षण के लिए प्रसव के पहले और बाद में यह किश्त दी जाती है. जब बाड़मेर में दो पशुपालक आवेदन कर पहुंचे तो किश्त ट्रांसफर करवाने की एवज में आरोपियों ने उनसे 2-2 हजार के हिसाब कुल 4 हजार रुपये की रिश्वत मांगी.
आरोपी सोनू रैगर ने 1 हजार रुपये ऑनलाइन लिए. इसके बाद डॉ. राघव डोई के कहने पर सोनू ने 3 हजार रुपये कैश लिया. कैश लेने के दौरान ही एसीबी ने उसे रंगे हाथ धर-दबोचा. रिश्वत की राशि के साथ सोनू की गिरफ्तारी कर ली गई.
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