- साध्वी प्रेम बाईसा को मौत से पहले कंपाउंडर देवी सिंह ने डॉक्टर की पर्ची पर ही इंजेक्शन लगाया था
- इंजेक्शन लगाने के बाद करीब पच्चीस मिनट में साध्वी के पिता ने उनकी अचानक खराब तबीयत की सूचना दी थी
- सुरेश ने बताया कि साध्वी के कमरे में दाल पिता वीरमनाथ ने ही लेकर जाकर दी थी, जो असामान्य था
साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले मोड़ आ रहे हैं. NDTV रिपोर्टर ने उस कंपाउंडर से विशेष बातचीत की है, जिसने मौत से ठीक पहले साध्वी को इंजेक्शन लगाया था. इस बातचीत के बाद मामले की कड़ियां और उलझ गई हैं. इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर देवी सिंह ने बताया कि उसने अपनी मर्जी से कोई दवा नहीं दी थी.
वो रहस्यमयी 25 मिनट
देवी सिंह के अनुसार, उसने डॉक्टर द्वारा लिखी गई पर्ची के आधार पर ही इंजेक्शन लगाए थे. वह पहले भी कई बार जरूरत पड़ने पर साध्वी को इंजेक्शन लगाने आश्रम जाता रहता था. कंपाउंडर ने बताया कि इंजेक्शन लगाकर जाने के करीब 20 से 25 मिनट बाद साध्वी के पिता का फोन आया कि उनकी तबीयत अचानक बहुत ज्यादा खराब हो गई है.
SIT की रडार पर 'दाल' और 'डिजिटल सबूत'
पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) इस गुत्थी को सुलझाने के लिए अब दो मोर्चों पर काम कर रही है.
पिता ही क्यों लेकर गए खाना?
सेवादार सुरेश के बयान ने संदेह की सुई घुमा दी है. सुरेश ने बताया कि 28 जनवरी को उसने दाल बनाई थी. हर बार सुरेश ही साध्वी के कमरे में खाना लेकर जाता था, लेकिन उस मनहूस रात पिता वीरमनाथ खुद दाल लेकर कमरे में गए. इसके तुरंत बाद साध्वी को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वे तड़पने लगीं.
तीन मोबाइल और बंद पासवर्ड
पुलिस ने साध्वी के दो आईफोन और एक सैमसंग फोन जब्त किए हैं. SIT को यकीन है कि इन फोन्स के डेटा में मौत का राज दफन है. हालांकि, पिता द्वारा पासवर्ड न बताने के कारण जांच में देरी हो रही है. पिता वीरमनाथ ने फोन के पासवर्ड की जानकारी से इनकार कर दिया है.
FSL की दोबारा जांच: विसरा रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के नेतृत्व में जांच टीम ने आश्रम का दोबारा मुआयना किया है. रसोई के सामान और दाल बनाने वाली सामग्री को जांच के लिए लैब भेजा गया है. पोस्टमार्टम हो चुका है, लेकिन अब हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि शरीर में जहर था या इंजेक्शन का रिएक्शन.














