भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपने पैतृक जिले राजस्थान के झुंझुनूं में एक शोक सभा में शामिल होने पहुंचे. वहां उनके बैठने के लिए सोफे का इंतजाम किया गया था. लेकिन धनखड़ ने सोफे पर बैठने से मना कर दिया और अन्य लोगों के साथ जमीन पर ही दरी पर बैठ गए. पूर्व उपराष्ट्रपति के इस सादगी भरे व्यवहार की काफी सराहना हो रही है. जगदीप धनखड़ झुंझुनूं के बीजेपी विधायक राजेंद्र भांबू के भाई के निधन पर शोक जताने आए थे. उन्होंने वहां लोगों को घमंड से बचने के लिए भी कहा जिसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं. धनखड़ ने पिछले वर्ष 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों की वजह से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देकर सबको हैरान कर दिया था. धनखड़ के गांव का नाम किठाना है जो राजस्थान के झुंझुनूं जिले में आता है.
सोफे पर बैठने से मना कर दिया
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज झुंझुनूं जिले के बगड़ क्षेत्र के नारनोद गांव पहुंचे. वे दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए सीधे गांव पहुंचे. धनखड़ ने नारनोद पहुंचकर विधायक राजेंद्र भांबू के भाई जगेंद्र सिंह भांबू के निधन पर शोक जताया. धनखड़ ने दिवंगत जगेंद्र सिंह भांबू के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और शोक संतप्त परिवार को ढाढस बंधाया. इस दौरान विधायक राजेंद्र भांबू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
ग्रामीणों से आत्मीयता से बातचीत करते हुए जगदीप धनखड़ ने सादगी भरा अंदाज भी दिखाया. शोक सभा में उनके लिए अलग से सोफा लगाया गया था. लेकिन उन्होंने उस पर बैठने की बजाय आम लोगों के बीच सामान्य रूप से ही बैठना पसंद किया. उनके इस व्यवहार की ग्रामीणों ने सराहना की. इस दौरान एक बुजुर्ग ग्रामीण ने धनखड़ को याद दिलाया कि वर्षों पहले उन्होंने उन्हें वोट देकर जिताया था. इस पर धनखड़ ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें सब याद है.
झुंझुनूं के बीजेपी विधायक राजेंद्र भांबू को सांत्वना देते जगदीप धनखड़
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घमंड को बताया खराब
ग्रामीणों से बातचीत करते हुए धनखड़ ने विधायक राजेंद्र भांबू के सरल स्वभाव की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि आज के समय में जिस व्यक्ति में घमंड नहीं हो, जिसे गुस्सा नहीं आता हो और जो हर समय लोगों के लिए उपलब्ध रहता हो, उससे बेहतर जीवन कोई नहीं है. हालांकि धनखड़ ने यह बात विधायक भांबू के सरल स्वभाव की तारीफ करते हुए कही है, लेकिन उनके इस बयान के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं. शोक सभा के बाद जगदीप धनखड़ अपने पैतृक गांव किठाना के लिए रवाना हो गए.
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