राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी की अनुशासनहीनता और बगावती रुख पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए बड़ी कार्रवाई जारी है. पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनावी मैदान में ताल ठोकने वाले 7 प्रमुख नेताओं को प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है.
अनुशासनहीनता पर कार्रवाई
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी श्रवण सिंह बगड़ी के जारी आदेश के अनुसार, संगठन को सूचना मिली थी कि ये नेता स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जो पार्टी संविधान के तहत गंभीर अनुशासनहीनता में आता है. ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी.
इन नेताओं पर कार्रवाई
कार्रवाई की जद में आए नेताओं में अजमेर नगर निगम क्षेत्र के पांच प्रमुख चेहरे शामिल हैं जिनमें अजमेर दक्षिण के वार्ड 38 से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पूर्व पार्षद एवं मंडल अध्यक्ष अरुण शर्मा, वार्ड 41 से पूर्व पार्षद नीतू मिश्रा और वार्ड 52 से चुनाव मैदान में उतरीं महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष सीमा गोस्वामी शामिल हैं.
पूर्व पार्षद रूबी जैन को बाहर निकाला
अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के तहत अजमेर नगर निगम के वार्ड 74 से निर्दलीय प्रत्याशी बनीं पूर्व पार्षद रूबी जैन और वार्ड-75 से ताल ठोक रहे पूर्व पार्षद धर्मेन्द्र सिंह चौहान (पंचम) पर भी निकाल दिया गया है. ब्यावर की जैतारण विधानसभा अंतर्गत जैतारण नगर पालिका के वार्ड-17 से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पूर्व पार्षद राकेश सोलंकी (पुत्र नारायण लाल सोलंकी) और नागौर जिले की खींवसर/मूंडवा क्षेत्र के तहत मूंडवा नगर पालिका के वार्ड 8 से बागी प्रत्याशी बने किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री लक्ष्मी नारायण मुंडेल को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.
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