बस्सी वन विभाग के रेंजर को एसीबी ने 60 हज़ार की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा, नौकर भी गिरफ्तार

आरोपी रेंजर द्वारा बस्सी वन क्षेत्र में बिना रुकावट कार्य करने के लिए परिवादी से हर माह 50 हज़ार रुपए की मांग स्वयं के लिए की गई. इसके साथ ही अपने अधीनस्थ पदस्थापित कर्मचारियों को मैनेज करने के लिये 30 हज़ार रुपए की मांग की गई थी.

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बस्सी वन विभाग के रेंजर ने हर महीने कुल 80 हज़ार रुपए रिश्वत की मांग की थी.
चित्तौड़गढ़:

बस्सी वन विभाग के रेंजर को 60 हज़ार की रिश्वत लेते एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने धर दबोचा. इस मामले में रेंजर के घरेलू नौकर को भी गिरफ्तार किया है. उदयपुर एसीबी टीम के इंस्पेक्टर आदर्श कुमार ने बताया कि आरोपी अब्दुल सलीम क्षेत्रीय वन अधिकारी बस्सी द्वारा परिवादी भगवान लाल कुमावत से उसके द्वारा जलाऊ लकड़ी को खेतों एवं खाटेदारी जमीनों से क्रय कर परिवहन किया जा रहा था. जिस पर उक्त परिवहन शुदा वाहन को गत 25 मई को रोक कर एक लाख 25 हज़ार रुपए प्राप्त कर रसीद नहीं दी.

आरोपी रेंजर द्वारा बस्सी वन क्षेत्र में बिना रुकावट कार्य करने के लिए परिवादी से हर माह 50 हज़ार रुपए की मांग स्वयं के लिए की गई थी. इसके साथ ही अपने अधीनस्थ पदस्थापित कर्मचारियों को मैनेज करने के लिये 30 हज़ार रुपए की मांग की गई. इस तरह परिवादी से हर माह कुल 80 हज़ार रुपए रिश्वत की मांग की गई. जिस पर परिवादी ने आरोपी से 60 हज़ार रुपए मासिक बंदी पर वार्ता कर अपनी  सहमति दी.

इसको लेकर एसीबी टीम ने अपना जाल बिछाया. परिवादी भगवान लाल कुमावत ने वन विभाग रेंजर के दफ्तर पहुंच रिश्वत की राशि रेंजर अब्दुल सलीम को दी. इस पर रेंजर सलीम ने हाथों हाथ रिश्वत की राशि अपने घरेलू नौकर मदन लाल गुर्जर को दे दी.

इसकी भनक लगते ही नौकर ने रिश्वत राशि को क्वाटर के पीछे फेंक दी. जिस को एसीबी ने बरामद किया. आरोपी रेंजर अब्दुल सलीम व घरेलू नौकर मदन लाल गुर्जर को एसीबी ने गिरफ्तार किया. आरोपी मूलतः कोटा निवासी हैं. आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा. चित्तौड़गढ़ एसीबी टीम के एडिशनल एसपी कैलाश सिंह सांधू के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया गया.

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