Grenade Attack in Gurdaspur: पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक निजी अस्पताल में ग्रेनेड फेंकने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान धर्मेंद्र सिंह उर्फ भिंडी के रूप में हुई है, जो अगवान गांव का रहने वाला है. प्रारंभिक जांच में एक विदेशी हैंडलर की संलिप्तता सामने आई है. गुरदासपुर पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने मात्र छह घंटे में मामले को सुलझाया है.
यह घटना कलानौर कस्बे में हुई है, जो पाकिस्तान सीमा से ज्यादा दूर नहीं है. इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से यह घटना और महत्वपूर्ण हो जाती है. मामले की आगे की जांच जारी है और हमले के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसे ध्वस्त करने के लिए आगे और पीछे दोनों तरह की कड़ियों की गहन जांच की जा रही है.
सीआरपी गुरदासपुर ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य भर में आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करने और शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
सीसीटीवी देख आरोपी को किया गिरफ्तार
दरअसल, सीमावर्ती कस्बे कलानौर के बस स्टैंड के पास स्थित मुल्तानी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दोपहर को विस्फोट हुआ था, जिससे अस्पताल के शीशे टूट गए थे. धमाके की आवाज आसपास के लोगों को सुनाई दी. विस्फोट के बाद सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति भी दिखा.
सूचना के बाद डीएसपी अमोलक सिंह काहलो और एसएचओ जतिंदरपाल सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी है.
एक साल से मिलती आ रही हैं धमकियां
अस्पताल के डॉक्टर एसके मुल्तानी ने बताया कि ग्रेनेड का महला लगभग 2 बजे हुआ था. उन्होंने बताया कि पिछले साल से ही उन्हें फिरौती के लिए धमकियां मिल रही हैं. इस मामले को लेकर पुलिस को शिकायत की गई थी और उन्हें 2 महीने के लिए सुरक्षा दी गई थी. उन्होंने बताया कि जब उनके अस्पताल में बम फेंका गया था, तब इमरजेंसी बिल्कुल खाली थी. इसलिए किसी का कोई भी नुकसान नहीं हुआ.
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(गुरदासपुर से अवतार सिंह की रिपोर्ट)











