Prayagraj Mahakumbh 2025: धूमधाम के साथ निकाली गई जूना अखाड़े की पेशवाई
Prayagraj Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की रौनक नजर आने लगी है. इस शाही स्नान के लिए श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा भव्यता और राजसी अंदाज के साथ महाकुंभ नगरी में प्रवेश कर चुका है.
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दिसंबर 16, 2024 17:15 IST
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Published On दिसंबर 16, 2024 17:15 IST
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Last Updated On दिसंबर 16, 2024 17:15 IST
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पेशवाई में शामिल ट्रैक्टर-ट्रालियों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था उन पर स्थापित चांदी के सिंहासन पर शीर्ष साधु-संत सवार थे. इनमें जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी कपिल पुरी महाराज, स्वामी नरेंद्रानंद गिरि महाराज, जापान की माता कैला गिरि (केको आइकावा), स्वामी महेंद्रानंद गिरि, यूक्रेन की माता एनकिंडा लायला और अन्य महामंडलेश्वर शामिल थे.पेशवाई में शामिल ट्रैक्टर-ट्रालियों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था उन पर स्थापित चांदी के सिंहासन पर शीर्ष साधु-संत सवार थे. इनमें जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी कपिल पुरी महाराज, स्वामी नरेंद्रानंद गिरि महाराज, जापान की माता कैला गिरि (केको आइकावा), स्वामी महेंद्रानंद गिरि, यूक्रेन की माता एनकिंडा लायला और अन्य महामंडलेश्वर शामिल थे. फोटो: पीटीआई
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महाकुंभ मेला 2025 उत्सव के लिए पहले 'शाही प्रवेश' के बाद गंगा पूजन के दौरान आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़े के प्रमुख स्वामी अवधेशानंद गिर और अन्य साधु.महाकुंभ मेला 2025 उत्सव के लिए पहले 'शाही प्रवेश' के बाद गंगा पूजन के दौरान आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़े के प्रमुख स्वामी अवधेशानंद गिर और अन्य साधु. फोटो: पीटीआई
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पेशवाई में बैंड-बाजों की धुन के बीच जूना अखाड़े के नागा साधु हाथ में त्रिशूल और डमरू धाऱण किये हुए थे और हर-हर महादेव का उद्घोष कर रहे थे. इस दौरान कई साधु शंख भी बजा रहे थे.पेशवाई में बैंड-बाजों की धुन के बीच जूना अखाड़े के नागा साधु हाथ में त्रिशूल और डमरू धाऱण किये हुए थे और हर-हर महादेव का उद्घोष कर रहे थे. इस दौरान कई साधु शंख भी बजा रहे थे. फोटो: पीटीआई