Asian Games 2026: Who Replaces Neeraj Chopra: भारतीय जैवलिन थ्रो स्टार नीरज चोपड़ा को ट्रेनिंग के दौरान लगी चोट के कारण अपना 2026 का सीज़न खत्म करना पड़ा, जिससे वह आने वाले एशियाई खेलों से बाहर हो गए हैं, जहां वह मौजूदा चैंपियन हैं. 2026 का सीजन चोपड़ा के लिए पहले से ही मुश्किल भरा रहा. पिछले साल सितंबर से पीठ के निचले हिस्से की चोट से परेशान होने के कारण उनकी वापसी जून तक टल गई थी. हालांकि, पूरी तरह फिट न होने के बावजूद भारतीय स्टार ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल (85.83 मीटर) जीतने के बाद लुसाने डायमंड लीग में 88.05 मीटर दूरी तय करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया. अगले महीने के आखिर में जापान में शुरू होने जा रहे एशियन गेम्स पर ध्यान देने से पहले, वह पहली वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भी हिस्सा लेने वाले थे, लेकिन अब यह संभव न होगाय इस चोट के कारण नीरज 5 सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल और 11 से 13 सितंबर के बीच वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भी हिस्सा नहीं ले सकेंगेय ऐसे में सवाल उठते हैं कि नीरज के स्थान पर अब किस जैवलिन थ्रोअर से भारत को एशियन गेम्स 2026 में आस होगी?
रोहित यादव 87.68 मीटर (2026 में पर्सनल बेस्ट)
एशियन गेम्स 2026 के पुरुष वर्ग में इस इवेंट से भारत को अब रोहित यादव से उम्मीदें होंगी. बड़े मंच पर प्रदर्शन का अनुभव रखने वाले रोहित से एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जिन्होंने हाल ही में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सभी को प्रभावित किया था. उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित अदारी-डभिया गांव रोहित यादव कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 81.56 मीटर के साथ सातवें स्थान पर रहे। रोहित ने भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स सिल्वर लेवल कॉन्टिनेंटल टूर इवेंट में 87.68 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए गोल्ड जीता था.अब एशियन गेम्स जैसा बड़ा मंच उनके लिए खुद को साबित करने का बेहतरीन मौका होगा.
रोहित यादव भारतीय जैवलिन में लंबे समय से अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो वह 87 मीटर से ज्यादा दूरी तक भाला फेंक चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिस्पर्धा करते रहे हैं. नीरज की अनुपस्थिति में रोहित के पास सिर्फ पदक जीतने का मौका नहीं, बल्कि भारतीय जैवलिन में अपनी जगह और मजबूत करने का भी सुनहरा अवसर होगा.
दावेदार और उनके सबसे अच्छे थ्रो
- रोहित यादव – 87.68 मीटर (2026 में पर्सनल बेस्ट)
- यश वीर सिंह – 85.41 मीटर (पर्सनल बेस्ट)
- शिवम लोहकरे – 81.71 मीटर (पर्सनल बेस्ट)
- आनंद सिंह सर्वश्रेष्ठ थ्रो 80.57 मीटर (पर्सनल बेस्ट)
यशवीर सिंह - 85.41 मीटर (पर्सनल बेस्ट)
सिर्फ 24 साल की उम्र में, यश वीर सिंह भारत के सबसे होनहार जैवलिन थ्रोअर्स में से एक बनकर उभरे हैं. हाल ही में उन्होंने ग्लासगो में हुए 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.41 मीटर का अपना अब तक का सबसे अच्छा थ्रो करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता. इस साल उन्होंने जिन 8 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है, उनमें से छह बार यश वीर ने 80 मीटर का आंकड़ा पार किया है, जो उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन को दिखाता है. इस महीने की शुरुआत में, भुवनेश्वर में हुए इंडियन ओपन में यश वीर ने 82.94 मीटर का थ्रो करके दूसरा स्थान हासिल किया और अपने शानदार फ़ॉर्म को जारी रखा.
इस युवा थ्रोअर ने तब सबका ध्यान खींचा जब उन्होंने इंडियन U20 फ़ेडरेशन कप में नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड तोड़ा. उनके करियर का अहम मोड़ कॉमनवेल्थ गेम्स में आया, जहाँ उन्होंने अपने आखिरी प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता. ऐसा करके, यश वीर भारतीय जैवलिन मेडलिस्ट्स के उस खास ग्रुप में शामिल हो गए जिसमें काशीनाथ नाइक (2010 ब्रॉन्ज़) और नीरज चोपड़ा (2018 गोल्ड और 2026 सिल्वर) जैसे खिलाड़ी शामिल हैं.
शिवम लोहकरे – 81.71 मीटर (पर्सनल बेस्ट)
बाएं हाथ के जैवलिन थ्रोअर शिवम लोहकारे का 2026 का सीज़न शानदार रहा है. 21 साल के इस खिलाड़ी ने 6 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और उनमें से तीन में 80 मीटर का आंकड़ा पार किया, जिससे नेशनल लेवल पर उनकी लगातार बेहतर होती परफॉर्मेंस का पता चलता है. इस साल उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन मई में फेडरेशन कप में रहा, जहां उन्होंने 81.71 मीटर का अपना अब तक का सबसे बेहतरीन थ्रो किया। महाराष्ट्र के इस एथलीट ने चीन के ओर्डोस में हुई एशियन U23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 77.70 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर इंटरनेशनल लेवल पर भी अपनी पहचान बनाई. शिवम ने पहली बार पिछले साल सबका ध्यान तब खींचा था, जब उन्होंने 74वीं इंटर-सर्विसेज एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 84.31 मीटर का शानदार थ्रो करके नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड तोड़ा था. हालांकि, चूंकि उस इवेंट को वर्ल्ड एथलेटिक्स से मान्यता नहीं मिली थी, इसलिए उस रिकॉर्ड को उनका आधिकारिक पर्सनल बेस्ट नहीं माना जाता है. लगातार हो रहे सुधार और लंबे थ्रो करने की काबिलियत के कारण, शिवम लोहकारे भारत की भविष्य की जैवलिन टीमों में जगह बनाने के लिए प्रमुख युवा दावेदारों में से एक बनकर उभरे हैं.
आनंद सिंह (भारतीय जैवलिन थ्रोअर आनंद सिंह का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 80.57 मीटर है)
आनंद सिंह उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ ज़िले के किशन देवपुर गाँव के एक होनहार जैवलिन थ्रोअर हैं. इस सीज़न में आनंद ने जिन आठ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है, उनमें से 7 में उन्होंने 75 मीटर का आंकड़ा पार किया है. इसमें एशियन U23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हासिल किया गया उनका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन (पर्सनल बेस्ट) 80.57 मीटर भी शामिल है. यह उनके करियर की पहली इंटरनेशनल टूर्नामेंट थी,, जिसमें उन्होंने गोल्ड मेडल जीता. कॉन्टिनेंटल मीट में देश को मिला यह एकमात्र गोल्ड मेडल था. इंडियन ओपन में, 78.34 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ वे पांचवें स्थान पर रहे थे.
नीरज चोपड़ा के बाद भारत की ओर से सबसे दूर भाला फेंकने वाले जैवलिन थ्रोअर
- रोहित यादव - 87.05 मी
- यश वीर सिंह - 85.41 मी
- शिवम लोहाकरे - 81.71 मी
- आनंद सिंह - 80.57 मी
- अर्शदीप सिंह - 80.15 मी
- किशोर जेना - 87.54 मी
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