चुनाव से पहले असम में बीफ पर सियासी दंगल, कुंकी चौधरी और हिमंता आमने-सामने, वीडियो से कैसे गरमाई सियासत

असम विधानसभा चुनाव से पहले बीफ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और AJP उम्मीदवार कुंकी चौधरी आमने‑सामने हैं. एक ओर फर्जी एआई वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आरोप‑प्रत्यारोप चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस विवाद ने असम की चुनावी राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है.

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असम चुनाव से पहले बीजेपी‑AJP के बीच बढ़ा तनाव
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  • असम विधानसभा चुनाव से पहले बीफ विवाद बीजेपी और असम जातीय परिषद के बीच राजनीतिक टकराव का मुख्य कारण बन गया है
  • मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बीफ खाने पर सख्त रुख अपनाते हुए कानून उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी
  • गुवाहाटी सेंट्रल से AJP उम्मीदवार कुंकी चौधरी ने बीजेपी पर फर्जी एआई जनरेटेड वीडियो फैलाने का आरोप लगाया है
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असम विधानसभा चुनाव से पहले बीफ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. यह विवाद अब सीधे सत्तारूढ़ बीजेपी और असम जातीय परिषद (AJP) के बीच टकराव का रूप ले चुका है. जहां एक ओर AJP की गुवाहाटी सेंट्रल सीट से उम्मीदवार कुंकी चौधरी ने बीजेपी पर फर्जी और एआई‑जनरेटेड वीडियो फैलाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कुंकी चौधरी के माता‑पिता के खिलाफ कथित तौर पर बीफ खाने और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर अपलोड करने को लेकर कार्रवाई की बात कही है.

बीफ विवाद ने पकड़ा सियासी तूल

चुनाव से ठीक पहले जब प्रचार पूरे जोर-शोर से चल रहा है तब बीफ विवाद एक बार फिर असम की राजनीति के केंद्र में आ गया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा लगातार AJP की गुवाहाटी सेंट्रल उम्मीदवार कुंकी चौधरी और उनकी मां सुजाता गुरंग चौधरी पर कथित तौर पर बीफ खाने को लेकर हमला बोलते नजर आ रहे हैं. इस बीच AJP और बीजेपी के बीच तनाव और बढ़ गया है, खासकर विधानसभा चुनाव से ठीक पहले.

सीएम हिमंत का कड़ा बयान

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बीफ को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “अब मुस्लिम लोग भी बीफ नहीं खा रहे हैं. मेरी अपील के बाद वे भैंस का मांस खा रहे हैं. ईद के दौरान धुबरी में गाय का मांस लाने पर मैंने शूट‑एट‑साइट का आदेश दिया था. सोशल मीडिया पर जो लोग बीफ का समर्थन कर रहे हैं, उनसे मेरी अपील है कि वे कामाख्या, बटद्रावा और माजुली का अपमान न करें. असम में बीफ खाने की संस्कृति को हम समर्थन नहीं देते. असम में कैटल प्रिजर्वेशन एक्ट है और कानून के मुताबिक उल्लंघन करने पर तीन साल की जेल का प्रावधान है.”

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कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

सीएम सरमा ने यह भी कहा कि वह कानून तोड़ने वालों को बख्शेंगे नहीं. “असम में कैटल प्रिवेंशन कानून है. सार्वजनिक रूप से बीफ खाने पर तीन साल की जेल का प्रावधान है. मैं गाय का मांस खाने वालों को नहीं छोड़ूंगा. कानून के तहत मैं पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराऊंगा.”

राहुल गांधी पर तंज

राहुल गांधी के असम दौरे से पहले मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए उनकी बेहद तीखे शब्दों में आलोचना की. इसी बीच सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को जोरहाट में एक विशाल रोड शो किया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए. यह रोड शो कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के गढ़ जोरहाट में आयोजित किया गया, जहां बीजेपी ने मौजूदा विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी के समर्थन में ताकत दिखाई.

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जोरहाट बना सियासी रणभूमि

जोरहाट इस चुनाव में असम की राजनीति का केंद्र बनकर उभरा है. गौरव गोगोई इस सीट से सांसद हैं, लेकिन उन्हें मौजूदा विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी से कड़ी चुनौती मिल रही है. गौरव गोगोई के परिवार की जोरहाट में गहरी राजनीतिक विरासत रही है. उनके पिता और असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने टिटाबोर सीट का प्रतिनिधित्व किया था. टिटाबोर में तरुण गोगोई के प्रति मजबूत भावनाएं हैं, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि गौरव गोगोई वोटों को अपने पक्ष में कितना संगठित कर पाते हैं. वहीं दूसरी ओर, हितेंद्र नाथ गोस्वामी जोरहाट में बेहद लोकप्रिय माने जाते हैं और उनका क्षेत्र के लोगों से पुराना रिश्ता है, जिसे जनता का समर्थन भी मिलता रहा है.

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सीएम का जीत का दावा

रोड शो के दौरान मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आज जोरहाट में लोगों की भीड़ देखिए। लोग हितेंद्र नाथ गोस्वामी के समर्थन में बाहर निकले हैं. लोग विकास के लिए वोट करेंगे और हितेंद्र नाथ गोस्वामी भारी अंतर से जीतेंगे, अपर असम में हम हर सीट जीतेंगे.” उन्होंने आगे कहा,
“जब मैं असम आता हूं तो जोरहाट के लोग मुझे प्यार और आशीर्वाद देते हैं और इस बार भी वे मौजूदा विधायक के समर्थन में सड़कों पर उतरे हैं.”

कुंकी चौधरी का पलटवार, एआई वीडियो का आरोप

इस पूरे विवाद के बीच AJP की गुवाहाटी सेंट्रल उम्मीदवार कुंकी चौधरी ने बीजेपी की आईटी सेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी की आईटी सेल ने उनका एक फर्जी एआई‑जनरेटेड वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल किया है. कुंकी चौधरी ने कहा, “बीजेपी की आईटी सेल ने मेरा फर्जी एआई वीडियो बनाया है. मुख्यमंत्री और विजय गुप्ता इतनी बेताबी क्यों दिखा रहे हैं? बीजेपी आईटी सेल इतना पैसा और मेहनत ऐसे वीडियो बनाने में क्यों लगा रही है? अगर वीडियो बनाना ही है तो मेरे घर आकर बयान ले लें.” उन्होंने आगे कहा कि वह इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएंगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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रैली में विरोध और नारेबाजी

बीफ विवाद के बाद कुंकी चौधरी को गुवाहाटी में अपनी चुनावी रैली के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि कुछ लोग उनकी रैली में विरोध कर रहे हैं और “AJP गो बैक” के नारे लगा रहे हैं. AJP का दावा है कि ये लोग बीजेपी समर्थक थे. बीजेपी के एक मंत्री पियूष हज़ारिका ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा, “आखिरकार लोग INDI गठबंधन के हिंदू‑विरोधी रुख के खिलाफ बोल रहे हैं. उन्होंने ऐसे उम्मीदवार को उतारा है, जिसके परिवार ने खुलेआम बीफ खाने की तस्वीरें पोस्ट की हैं, क्या वे हिंदुओं को हल्के में लेते हैं? क्या वे कभी ऐसा ‘अल्पसंख्यकों' के साथ करेंगे?”

बीजेपी‑AJP के बीच बढ़ा तनाव

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा AJP और कुंकी चौधरी पर किए गए हमलों के बाद बीजेपी और AJP के बीच राजनीतिक तनाव और गहरा गया है. बीफ विवाद ने असम चुनावी राजनीति में नई दरार पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनाव प्रचार के केंद्र में बना रहने की पूरी संभावना है

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