- ग्रेटर नोएडा के स्क्रैप माफिया रविंद्र सिंह को जिला अदालत ने अग्रिम जमानत प्रदान की है
- रविंद्र सिंह को 29 जनवरी को बांदा जेल से रिहा किया गया था, जबकि नोएडा पुलिस ने बी-वारंट जारी किया था
- मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जेलर से रिहाई पर जवाब मांगा और इसके बाद जेलर को निलंबित कर दिया गया था
ग्रेटर नोएडा के स्क्रैप माफिया रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना को अदालत से जमानत मिल गई है. वह 29 जनवरी को ही बांदा जेल से रिहा हो चुका है. गिरफ्तारी से बचने के लिए रवि काना ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी. इस पर बुधवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद जिला अदालत ने रवि काना को अग्रिम जमानत दे दी.
इसे नोएडा पुलिस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. इससे पहले बांदा जेल से रिहा किए जाने पर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जेलर से जवाब मांगा था. मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जेल से रिहा किए जाने पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए रवि काना ने अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी. इसके बाद जेलर को निलंबित भी कर दिया गया था.
रवि काना 2026 में दर्ज एक केस में नामजद आरोपी है. ये मामला नोएडा के सेक्टर 63 थाना में दर्ज किया गया था. रवि काना पहले ही एक मामले में बांदा जेल में बंद था. इसी दौरान नोएडा पुलिस ने अदालत ने उसे पेश कराने के लिए बी-वारंट जारी कराया था. लेकिन 29 जनवरी को बी-वारंट के बावजूद उसे रिहा कर दिया गया. 29 जनवरी को उसे अदालत में पेश किया गया लेकिन शाम 6 बजकर 39 मिनट पर उसे रिहा कर दिया गया.
इसके बाद रवि काना की ओर से जिला अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की गई थी. अपनी याचिका में दलील दी गई कि वह डेढ़ साल से गौतम बुद्ध नगर और बांदा जेल में बंद रहा है. पुलिस लगातार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से उसका उत्पीड़न कर रही है. दलील दी कि अगर जमानत मिलती है तो वह सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार है.
उसकी याचिका पर जिला कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी. इसके साथ ही उस पर कई शर्तें भी लगाई हैं. वह बिना अदालत की अनुमति देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकता.














