- नोएडा के सेक्टर-58 में नाले में गिरने से आर्यन नाम के युवक की मौत हो गई.
- आर्यन मूल रूप यूपी के फर्रुखाबाद का रहने वाला था. यहां वह सेक्टर-22 में रहता था.
- आर्यन की मौत के बाद नोएडा में एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है.
नोएडा में मानसून की पहली ही बारिश ने फिर प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है. पिछले साल नाले में गिरने से युवा इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी. जबकि एक बार फिर ऐसी ही घटना नोएडा के सेक्टर-58 से सामने आई है. भारी बारिश के बाद यहां 28 साल के एक इंजीनियर आर्यन की पानी के गड्ढे में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई. आर्यन जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद का रहने वाला है. वह सुबह पैदल अपने ऑफिस जा रहा था, तभी यह घटना हुई है.
पैर फिसलने से गिरा आर्यन
बताया जा रहा है कि सेक्टर-58 ब्लॉक-ए की सड़कें बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो चुकी थीं. यहां पानी भरने की वजह से सड़क और नाला कुछ दिख ही नहीं रहा था. नाले के ऊपर रखी स्लैब टूटी हुई थी, जो पानी से लबालब होने के कारण दिख नहीं रही थी. किनारे से गुजरने के दौरान आर्यन का पैर अचानक फिसल गया और वे करीब 3 फुट गहरे खुले नाले में समा गया. मौके पर मौजूद लोगों ने आर्यन को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला और उसे सीपीआर दिया. तुरंत ही उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
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वहीं इस घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण और विद्युत निगम के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि नाले के ठीक पास स्थित बिजली के खंभे से पानी में करंट उतर रहा था, जिसकी चपेट में आने से युवा बेहोश होकर नाले में गिर गए. दूसरी तरफ, बिजली विभाग ने करंट लगने की बात से साफ इनकार करते हुए इसे पूरी तरह जलभराव और खुले नाले की लापरवाही का मामला बताया है.मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी.
सेक्टर-22 में रहता था आर्यन
आर्यन नोएडा के सेक्टर 22 में अपने दोस्तों के साथ किराए के फ्लैट में रहता था. उसके पिता का निधन हो चुका है और वह अपने परिवार का एकलौता सहारा था. आर्यन का दोस्त शुभम उसे सेक्टर 39 के जिला अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उसकी मां फर्रुखाबाद में रहती है.
पिछले साल हुई थी युवराज की मौत
इस घटना ने पिछले साल नोएडा के सेक्टर-150 में हुई सॉफ्टवेयर युवा युवराज मेहता की मौत के मामले की यादें ताजा कर दी हैं. युवराज की भी मौत प्रशासनिक लापरवाही के कारण एक जलमग्न गड्ढे में डूबने से हुई थी. लोगों का कहना है कि युवराज की घटना के बाद भी नोएडा विकास प्राधिकरण ने कोई ध्यान नहीं दिया है. सैकड़ों खुले नाले और टूटी स्लैब की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
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