कई पसलियां और दांत टूटे, हीमोग्लोबिन 1.9... नोएडा में CRPF कांस्टेबल के घर काम करने वाली 10 साल की बच्ची से बर्बरता

सीआरपीएफ जवान के घर काम करने वाली एक 10 साल की बच्‍ची के साथ मारपीट और अमानवीय यातना का मामला सामने आया है. बच्‍ची की मेडिकल मेडिकल रिपोर्ट ने जो सच्‍चाई बयान की है, वो बेहद भयावह है.

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  • नोएडा में 10 साल की बच्ची को वेंटिलेटर पर रखा गया है, वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है.
  • ग्रेटर नोएडा के CRPF कैंप में एक कांस्टेबल ने घरेलू सहायिका बनाकर लंबे समय तक बच्‍ची को शारीरिक प्रताड़ना दी.
  • बच्ची के शरीर पर गंभीर घाव, टूटी पसलियां, उखड़े नाखून और पुराने-नए चोट के निशान मौजूद हैं.
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नोएडा:

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक दस साल की बच्ची जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है. बच्ची को गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखा गया है. आरोप है कि बच्‍ची को ग्रेटर नोएडा स्थित सीआरपीएफ कैंप में एक सीआरपीएफ कांस्टेबल द्वारा घरेलू सहायिका के रूप में रखा गया था और लंबे समय तक शारीरिक प्रताड़ना दी गई. बच्ची के शरीर पर गंभीर घाव मिले हैं. इस घटना ने मानवता को झकझोर दिया है. 

15 जनवरी को बच्ची को पहली बार सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, वहां डॉक्टरों ने उसके शरीर पर कई गंभीर चोटें देखकर मामला संदिग्ध पाया और मेडिकल लीगल केस (MLC) तैयार कर पुलिस को सूचना दी. डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची के शरीर पर चोटों के कई नए-पुराने निशान मौजूद थे, जो लंबे समय से हो रहे अत्याचार की ओर इशारा करते हैं. 

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गंभीर हालत के बाद भर्ती कराया 

डॉक्टर्स के मुताबिक, बच्ची की हालत बेहद गंभीर थी. बावजूद इसके आरोपी कांस्टेबल आर्थिक कारणों का हवाला देकर उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर अपने साथ ले गया. हालांकि बच्‍ची की हालत और बिगड़ने पर उसे नोएडा के सेक्टर‑128 स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह इस समय वेंटिलेटर सपोर्ट पर है. 

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बच्‍ची के साथ मारपीट, अमानवीय यातना: रिपोर्ट 

बच्‍ची की मेडिकल मेडिकल रिपोर्ट ने जो सच्‍चाई बयान की है, वो बेहद भयावह है. रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची का हीमोग्लोबिन सिर्फ 1.9 पाया गया है, उसकी कई पसलियां और दांत टूटे हुए थे. साथ ही नाखून उखड़े और शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं. रिपोर्ट के अनुसार यह चोटें लंबे समय तक मारपीट और अमानवीय यातना की ओर इशारा करती हैं. 

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आरोपी कांस्‍टेबल को किया सस्‍पेंड

इस मामले के सामने आने के बाद फिलहाल आरोपी सीआरपीएफ कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी पुलिस की टीम अस्पताल में तैनात है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. 

सीआरपीएफ ने क्‍या कहा?

  • सीआरपीएफ ने इस मामले में एक आधिकारिक बयान में कहा कि कांस्टेबल (जीडी) तारिक अनवर जनवरी 2024 से नोएडा स्थित 235 बटालियन में तैनात है और सीआरपीएफ नोएडा अस्पताल में प्राथमिक उपचारकर्ता के रूप में कार्यरत है.
  • अनवर अपने परिवार के साथ सीआरपीएफ नोएडा कैंप में रह रहा था और उनके साथ एक बच्‍ची थी, जो उनकी पत्नी की रिश्तेदार बताई जा रही है. 
  • बयान के मुताबिक, नोएडा पुलिस से सर्वोदय अस्पताल में बच्‍ची के भर्ती होने की सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों और एक टीम को मामले की जानकारी जुटाने के लिए भेजा गया और घटना की गंभीरता देखते हुए कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है और प्रक्रिया के अनुसार जांच शुरू कर दी गई है. 
  • साथ ही इसमें कहा गया है कि अस्पताल से शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद 17 जनवरी को ईकोटेक पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायत के आधार पर तारिक अनवर और उनकी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है. 
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