- मुंबई में ज्वेलरी कारोबारी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी
- कारोबारी ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने कुर्ला टर्मिनस के पास चार युवकों को 5 लाख रुपये के साथ दबोच लिया
- आरोपियों ने फिरौती रकम इम्तियाज और बशीर नाम के व्यक्तियों के कहने पर ली थी और साहिल शेख को सौंपी जानी थी
मुंबई के विलेपार्ले इलाके में ज्वेलरी कारोबारी को 'लॉरेंस बिश्नोई गैंग' का नाम लेकर धमकाने और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. लेकिन इस बार पुलिस पहले से अलर्ट थी. जाल बिछाया गया और कुर्ला के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चार युवकों को 5 लाख रुपये नकदी के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया गया.
ऐसे शुरू हुई धमकी
12 फरवरी की रात को विलेपार्ले ईस्ट में मंगल रॉयल ज्वेलर्स की दुकान चलाने वाले कारोबारी को विदेशी नंबर से वॉट्सऐप पर मैसेज मिला. इसमें लिखा था- '20 लाख कैश चाहिए, नहीं दिए तो गोली खानी पड़ेगी… लॉरेंस बिश्नोई गैंग, कनाडा.' इसके बाद लगातार धमकी भरे मैसेज और कॉल आते रहे. 14 फरवरी को वॉट्सऐप कॉल पर खुद को गैंग का सदस्य बताने वाले शख्स ने 20 लाख की मांग दोहराई. कारोबारी ने पैसे न होने की बात कही तो सौदेबाजी शुरू हुई.
20 लाख से 5 लाख पर डील
15 फरवरी की सुबह फिर कॉल आया- 'पैसा रेडी रखो, रात को नौ बजे कॉल करूंगा.' रात में कारोबारी ने मैसेज किया कि उसके पास सिर्फ 3 लाख हैं. जवाब मिला- 'मुझे पूरे 5 चाहिए.' आखिरकार 5 लाख रुपये पर बात तय हुई और अगले दिन पैसे देने का समय तय किया गया.
16 फरवरी की सुबह 10:53 बजे मैसेज आया- 'दो बजे पैसे रेडी रखना.' फिर दोपहर में निर्देश मिला कि कुर्ला टर्मिनस पहुंचकर स्टाफ को भेज देना. बार-बार कॉल कर पूछा जा रहा था- 'कितना टाइम लगेगा?'
पुलिस के साथ रची गई योजना
कारोबारी ने पहले ही विलेपार्ले पुलिस को पूरी जानकारी दे दी थी. पुलिस निरीक्षक श्रीनिवास चेवले के मार्गदर्शन में सादी वर्दी में टीमें तैयार की गईं. कारोबारी और उसके परिवार की सुरक्षा का जिम्मा भी पुलिस ने लिया. कारोबारी ने अपने दो कर्मचारियों को 5 लाख रुपये एक हैंडबैग में देकर अपनी स्कूटर से कुर्ला भेजा. उन्हें एलटीटी के पार्किंग एरिया में एक रेस्टोरेंट के पास खड़े रहने को कहा गया.
'लालपरी' था कोड वर्ड
शाम 4:31 बजे कॉल आया- 'मेरे आदमी ने आपके आदमी को पहचान लिया है, कोड वर्ड 'लालपरी' होगा.' कुछ देर बाद चार संदिग्ध युवक आए. पहले उन्होंने टोह ली और 'पासवर्ड क्या है?' पूछकर चले गए. थोड़ी देर बाद उनमें से दो लौटे और 'लालपरी' कहा. कर्मचारियों ने बैग उन्हें सौंप दिया. चारों आरोपी ऑटो में बैठकर निकलने लगे.
200 मीटर पीछा कर दबोचा
पहले से घात लगाए पुलिसकर्मियों ने करीब 200 मीटर तक पीछा कर चारों को दबोच लिया. उन्हें बीकेसी पुलिस स्टेशन लाया गया और फिर विलेपार्ले पुलिस को सौंप दिया गया.
बरामदगी में क्या मिला?
गिरफ्त में आने के बाद आरोपियों के पास 5 लाख रुपये नकद, कई मोबाइल फोन, एक आरोपी के पास से गोल्डन कलर का फोन, पुणे से एलटीटी तक का ट्रेन टिकट और मानखुर्द से जीटीबी नगर तक का टिकट मिला. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने यह रकम इम्तियाज और बशीर नाम के दो व्यक्तियों के कहने पर ली थी. आगे रकम साहिल शेख को सौंपी जानी थी और इसके बदले हर आरोपी को 5-5 हजार रुपये मिलने वाले थे.
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
दीपक नरेंद्र डंगोल (19), माजिद साजिद खान (21), फैजान फिरोज खान (27) और साहिल इलियाज शेख (20) को गिरफ्तार किया गया है. चारों को 17 फरवरी तड़के गिरफ्तार किया गया. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(5) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.













