Twisha Sharma Death Case: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मामले (Twisha Sharma Case) में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 2 जून तक रिमांड पर भेज दिया गया. यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि जिस अदालत में गिरिबाला सिंह न्यायाधीश रह चुकी हैं, उसी अदालत में उन्हें अब आरोपी के रूप में पेश किया गया. कोर्ट रूम में सुनवाई के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली. सीबीआई इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब गहन पूछताछ कर कई अहम पहलुओं को स्पष्ट करने की तैयारी में है, जिससे केस में नई परतें खुलने की उम्मीद है.
अदालत में पेशी, 5 दिन की रिमांड मंजूर
सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया. कोर्ट में सुनवाई के दौरान गिरिबाला और समर्थ शांत मुद्रा में नजर आए.
वकीलों ने रिमांड का विरोध नहीं किया
गिरिबाला सिंह के वकीलों ने सीबीआई की रिमांड का विरोध नहीं किया, बल्कि यह कहा कि एसआईटी के पास जो भी सबूत हैं, उन्हें सुरक्षित तरीके से सीबीआई को सौंपा जाए. इस पर सीबीआई ने बताया कि उन्हें सभी आवश्यक दस्तावेज मिल चुके हैं.
कोर्ट में हुई बहस, CBI ने रोका दखल
सुनवाई के दौरान कटघरे में खड़े गिरिबाला सिंह की सीबीआई अधिकारियों से बहस भी हुई. अधिकारी ने उन्हें वकीलों से अधिक बोलने और मामले से इतर विषय उठाने से रोका, जिससे कुछ देर के लिए अदालत का माहौल गर्म हो गया.
घटना के दिन के हालात पर होगी पूछताछ
सीबीआई अब घटना के दिन की परिस्थितियों को लेकर अहम सवाल करेगी. इसमें यह जानने की कोशिश होगी कि कटारा हिल्स स्थित घर में उस समय कौन-कौन मौजूद था और अंदर क्या घटनाक्रम हुआ था.
शादी के 5 महीने बाद मौत पर सवाल
जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि यदि सब कुछ सामान्य था, तो शादी के महज 5 महीने बाद ऐसी स्थिति कैसे बनी कि ट्विशा शर्मा की मौत हो गई. साथ ही परिवार के भीतर चल रहे विवादों और उत्पीड़न के आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी.
सबूतों और पुलिस जांच पर संदेह
सीबीआई पुलिस जांच के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों पर भी सवाल उठाएगी. जैसे- मौत की सूचना देने में देरी क्यों हुई, शव को नीचे लाकर CPR देने का फैसला किसने लिया और पुलिस रिकॉर्ड में लंबाई जैसी जानकारी गलत कैसे दर्ज हुई.
40 मिनट की घटनाओं पर फोकस
जांच का सबसे अहम हिस्सा वह 40 मिनट का समय है, जब ट्विशा जिम एरिया में गईं और फिर उनकी मौत हुई. सीबीआई यह जानने की कोशिश करेगी कि उस दौरान क्या हुआ और किन परिस्थितियों में उन्हें नीचे लाया गया.
वायरल वीडियो पर भी सवाल
जांच एजेंसी यह भी देखेगी कि केवल छत से नीचे लाने का वीडियो ही क्यों वायरल हुआ, उसके पहले या बाद का कोई फुटेज क्यों सामने नहीं आया. इससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई जा रही है.
समर्थ सिंह की भूमिका भी जांच के घेरे में
सीबीआई समर्थ सिंह की भूमिका की भी गहराई से जांच करेगी. उनके बयानों में विरोधाभास, फरार रहने के दौरान मदद और पूरे घटनाक्रम में उनकी संलिप्तता की जांच की जाएगी.
परिजनों के आरोपों की पड़ताल
ट्विशा शर्मा के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप भी जांच में अहम होंगे. इनमें कथित उत्पीड़न, जबरन गर्भपात और चरित्र पर सवाल उठाने जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं.
जांच में खुल सकती हैं नई परतें
सीबीआई की इस पूछताछ से मामले के कई अनछुए पहलुओं से पर्दा उठने की संभावना है. अब सबकी नजर 2 जून तक की रिमांड अवधि पर टिकी है, जहां से इस हाई-प्रोफाइल केस में अहम खुलासे हो सकते हैं.
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