मालेगांव महापालिका में टीपू सुल्तान की फोटो को लेकर आखिर क्यों छिड़ा है संग्राम! जान लीजिए पीछे की कहानी?

इसे लेकर मालेगांव में राजनीतिक गरमा-गरमी बढ़ने लगी. देखते ही देखते पार्टियों के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया. शिवसेना के गटनेता निलेश आहेर के नेतृत्व में नगरसेवकों ने नगर निगम आयुक्त के कार्यालय पहुंचकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया.

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टीपू सुल्तान की फोटो को लेकर हुआ बवाल
NDTV
मालेगांव:

महाराष्ट्र के मालेगांव में इन दिनों टीपू सुल्तान की फोटो को लेकर संग्राम छिड़ा हुआ है. शिवसेना (शिंदे गुट) और हिंदुत्ववादी संगठनों ने इसे लेकर कड़ा विरोध जताया है. दरअसल, इस बवाल की शुरुआत उस वक्त हुई जब मालेगांव नगर निगम की नवनियुक्ति उपमहापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने अपने केबिन में टीपू सुल्तान की फोटो लगा लगी. उपमापौर समाजवादी पार्टी से हैं ऐसे में उनके ऐसा करते ही शिवसेना (शिंदे गुट) और हिंदू संगठन आक्रमक हो गए. वो इस तस्वीर को उपमहापौर के दफ्तर से हटाने की मांग करने लगे. 

इसे लेकर मालेगांव में राजनीतिक गरमा-गरमी बढ़ने लगी. देखते ही देखते पार्टियों के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया. शिवसेना के गटनेता निलेश आहेर के नेतृत्व में नगरसेवकों ने नगर निगम आयुक्त के कार्यालय पहुंचकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया. उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक यह तस्वीर हटाई नहीं जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और इसे उग्र रूप दिया जाएगा.

विवाद पर पलटवार करते हुए उपमहापौन शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने टीपू सुल्तान को स्वतंत्रता सेनानी बताया और कहा अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उपमहापौर दफ्तर में लगी इस तस्वीर का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी पक्ष-विपक्ष में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यहां मालेगांव प्रशासन और महापालिका में सत्ताधारी इस्लाम पार्टी इस बढ़ते तनाव को देखते हुए क्या रुख अपनाती है.आपको बता दें कि मालेगांव महानगर पालिका में सेक्युलर फ्रंट इस्लाम पार्टी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की सत्ता है, जिसमें इस्लाम पार्टी के रशीद शेख मेयर और समाजवादी पार्टी की शान-ए-हिंद डिप्टी मेयर हैं.  

इस विवाद को लेकर उपमहापौर ने कहा कि जब मैंने अपने ऑफिस का कार्यभार संभाला तो मेरी गठबंधन के कुछ नेताओं ने मुझे टीपू सुल्तान की ये फोटो गिफ्ट में दिया. उन्होंने इस तस्वीर को मेरे दफ्तर में लगा दिया. मुझे इस तस्वीर को यहां लगाने को लेकर कोई ऐतराज नहीं है. वो इसलिए भी क्योंकि टीपू सुल्तान हिंदुस्तान के स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं. ये बात सब लोग जानते हैं. उनकी तारीफ सिर्फ हिंदुस्तान ने ही नहीं बल्कि ब्रिटेन ने भी की थी. अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले जो पहले सुल्तान थे वो टीपू सुल्तान ही थे. उनका मेडिकल में भी काफी ज्ञान था. उन्होंने अपने समय में प्लास्टिक सर्जरी का भी निजात किया था. वह अपने घायल सैनिकों का इलाज भी प्लास्टिक सर्जरी करवाकर करते थे. वो मिसाइल का इजात करने वाले भी थे. इसलिए मुझे नहीं लगता कि उनकी फोटो लगाने में कोई ऐतराज की बात है. हम सेक्युलर लोग हैं हमें इससे कोई दिक्कत नहीं है.

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