- महाराष्ट्र के वर्ली इलाके में ट्रैफिक जाम के कारण महिला की मंत्री गिरीश महाजन से भिड़ंत हो गई थी
- टीना चौधरी ने बताया कि उन्होंने पुलिस से दो बसें हटाने का कई बार अनुरोध किया था जिससे जाम खत्म हो सके
- उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने बोतल जमीन पर फेंकी थी ताकि पुलिस का ध्यान आकर्षित हो, किसी पर नहीं
महाराष्ट्र में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान घंटों तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहने के बाद एक महिला का गुस्सा फूट पड़ा था. इस दौरान वह महिला महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन से भी भिड़ गई थी. अब वह महिला सामने आई है और उस दिन के बारे में पूरी जानकारी दी है. महिला का नाम टीना चौधरी है और उन्होंने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि हालात बिगड़ने से पहले एक घंटे से ज्यादा समय तक उन्होंने सबकुछ नजरअंदाज किया था.
उन्होंने कहा, 'हैलो, मुझे यकीन है कि आप में से बहुत से लोगों ने एक महिला को देखा होगा. वह मैं ही हूं. मेरा नाम टीना चौधरी है और मैं आपको यह संदेश कुछ बातें साफ करने के लिए भेज रही हूं.'
टीना चौधरी का वीडियो पिछले महीने खूब वायरल हुआ था. इसमें वह वर्ली इलाके में बीजेपी की एक रैली के दौरान ट्रैफिक जाम को लेकर मंत्री गिरीश महाजन से भिड़ गई थीं. टीना चौधरी का कहना है कि उन्होंने पुलिस से बार-बार दो बसों को हटाने का आग्र किया था और महाजन ही थे जिन्होंने उनकी बात सुनने की कोशिश की और बसों को हटाने के निर्देश दिए.
वायरल वीडियो में टीना को मंत्री गिरीश महाजन पर भड़कते हुए देखा गया था. शनिवार को एक वीडियो मैसेज में उन्होंने अपनी बात विस्तार से बताई और कहा कि उन्होंने किसी प्रदर्शनकारी या रैली की ओर बोतल नहीं फेंकी थी, बल्कि पुलिस का ध्यान खींचने के लिए उसे जमीन पर फेंका था.
क्या हुआ था उस दिन? टीना ने बताया
एक वीडियो मैसेज में टीना चौधरी ने कहा, मुझे अपनी सुरक्षा को लेकर बहुत सारे मैसेज मिले हैं. मैं आपको बताना चाहती हूं कि मैं ठीक हूं और आपकी चिंता की मैं तारीफ करती हूं. उस दिन, 21 अप्रैल को, मैंने अपनी बेटी को उसकी म्यूजिक क्लास के लिए शाम 4 बजे छोड़ा था. मुझे उसे 4:45 बजे लेने जाना था. जब मैंने बाएं मुड़ना चाहा, तो हम वहां जाम में फंस गए. मैं 25 मिनट तक अपनी कार में ही बैठी रही. जब ट्रैफिक आगे नहीं बढ़ा, तो मैं यह पता लगाने के लिए कार से बाहर निकली कि आखिर दिक्कत क्या है?'
उन्होंने वीडियो में कहा, 'अगले डेढ़ घंटे तक, मैं वहां मौजूद हर पुलिस अफसर के पास जाकर यह गुजारिश करती रही कि अगर आप उन दो बसों को वहां से हटवा दें, तो जो लोग जाम में फंसे हुए हैं, वे यू-टर्न लेकर मेन रोड पर पहुंच सकते हैं. मुझे उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला. मैंने वह बोतल किसी प्रदर्शनकारी या रैली की तरफ नहीं, बल्कि जमीन पर फेंकी थी, ताकि पुलिस का ध्यान अपनी तरफ खींच सकूं.'
उन्होंने आगे कहा कि 'असल में, उस रैली में महाजन ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने कम-से-कम मेरी बात सुनने की कोशिश तो की. उनके कहने पर ही उन दोनों बसों को वहां से हटाया गया, और हम सभी ने यू-टर्न लिया, और इस तरह हम मेन रोड पर पहुंच पाए.'
टीना चौधरी ने आगे यह भी अपील की कि उनकी बातों का इस्तेमाल किसी राजनीतिक पार्टी को निशाना बनाने के लिए न करें. उन्होंने कहा कि उनके कंधे पर बंदूक रखकर निशाना न साधें.
क्या था पूरा मामला?
महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन बिल संसद में पास नहीं हो पाने के कारण 21 अप्रैल को बीजेपी ने रैली निकाली थी.
इसी रैली के दौरान ट्रैफिक जाम लगने के कारण टीना चौधरी का गुस्सा फूट पड़ा था. प्रदर्शन कर रहे लोगों और मंत्री गिरीश महाजन पर उन्होंने भड़ास निकाली थी. टीना चौधरी के खिलाफ पुलिस के साथ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत दर्ज की गई थी लेकिन 24 अप्रैल को पुलिस ने कहा कि उनके खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं की गई.













