- महाराष्ट्र की महायुति सरकार में सुनेत्रा पवार पहली महिला डिप्टी सीएम बनने जा रही हैं
- सुनेत्रा पवार ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती से अपनी ननद सुप्रिया सुले से हार गई थीं
- उन्होंने शिक्षा, पर्यावरण और ग्रामीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाई है और EFOI की संस्थापक भी हैं
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन से जो जगह खाली हुई थी, उसे अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार भरेंगी. महाराष्ट्र की महायुति सरकार में सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बनने जा रहीं हैं. महाराष्ट्र की सियासत में पहली बार कोई महिला डिप्टी सीएम के पद पर पहुंच रही है. 28 जनवरी को विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था. उसके बाद से ही सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने की मांग होने लगी थी.
सुनेत्रा पवार कई सालों से सक्रिय राजनीति से दूर थीं. पिछले साल उन्होंने अपनी ननद सुप्रिय सुले के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन हार गई थीं. सुनेत्रा पवार के बारे में कहा जाता है कि वो राजनीति में भले ही सक्रिय न हों लेकिन वो पर्दे के पीछे से सक्रिय रहती हैं. बारामती में उन्हें सुनेत्रा भाभी भी कहा जाता है.
लोकसभा में हार के बाद सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद बनी थीं. अब वह महाराष्ट्र की सियासत में ताकतवर महिला बनने जा रहीं हैं.
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कौन हैं सुनेत्रा पवार?
- जन्म: 18 अक्तूबर 1963 को उस्मानाबाद (अब धाराशिव) में जन्मीं सुनेत्रा पवार एक मराठा परिवार से आती हैं. उनके पिता पद्मसिंह पाटिल थे.
- राजनीति विरासत: पिता बाजीराव पाटिल क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति थे. उनके भाई पद्मसिंह बाजीराव पाटिल 1980 के दशक में जिले की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे.
- करियर: सुनेत्रा पवार ने औरंगाबाद के एसबी कॉलेज से बीकॉम किया है. उन्होंने एक हाई-टेक टेक्सटाइल पार्क का नेतृत्व किया है. साथ ही एंटरप्रेन्योर के रूप में भी भूमिका निभाई है.
ताकतवर परिवार से आती हैं सुनेत्रा पवार?
परिवार का राजनीति से गहरा नाता रहा है. उनके पिता बाजीराव पाटिल राज्य मंत्री और लोकसभा सांसद रह चुके हैं. उनके बड़े भाई पद्मसिंह पाटिल भी भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं और वो बीजेपी से भी जुड़े रहे हैं, जिससे सुनेत्रा पवार का पारिवारिक राजनीतिक नेटवर्क दोनों प्रमुख दलों से जुड़ा हुआ है.
राजनीतिक परिवार से आने वालीं सुनेत्रा पवार ने शिक्षा, पर्यावरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई है. उन्होंने 2010 में एन्वार्यमेंटल फोरम ऑफ इंडिया (EFOI) नाम से एक गैर-सरकारी संगठन की स्थापना की, जो जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण पर काम करता है.
सुनेत्रा पवार वर्ल्ड एंटरप्रेन्योरशिप फोरम (फ्रांस) की थिंक-टैंक सदस्य भी हैं और पुणे की सावित्रीबा फुले यूनिवर्सिटी की सीनेट की सदस्य रही हैं, जहां उन्होंने शिक्षा नीति और उच्च शिक्षा के विकास में योगदान दिया है. इसके अलावा, सुनेत्रा पवार विद्या प्रतिष्ठान ट्रस्ट की ट्रस्टी भी हैं, जो महाराष्ट्र की एक प्रमुख शैक्षणिक संस्था है और हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करती है.
अजित पवार से कैसे हुई शादी?
सुनेत्रा पवार और अजित पवार, दोनों ही राजनीतिक परिवार से आते हैं और दोनों की शादी की वजह भी यही है. सनेत्रा के भाई पद्मसिंह पाटिल और शरद पवार में गहरी दोस्ती थी.
पद्मसिंह पाटिल और शरद पवार की दोस्ती की वजह से सुनेत्रा पवार और अजित पवार की शादी हुई. 30 दिसंबर 1985 को अजित पवार और सुनेत्रा की शादी हुई थी. दोनों के दो बेटे- पार्थ और जय हैं. पार्थ पवार ने राजनीति में कदम रखा और 2019 के लोकसभा चुनाव में मावल सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली.
अजित पवार, शरद पवार के भतीजे हैं. अजित पवार ने अपना पहला लोकसभा चुनाव 1991 में बारामती सीट से लड़ा और जीता. बाद में उन्होंने ये सीट शरद पवार के लिए छोड़ दी. इसके बाद 1991 में ही बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव से उन्होंने विधानसभा में कदम रखा. तब से ही बारामती सीट से विधायक अजित पवार थे.
राजनीति में कैसे आईं सुनेत्रा पवार?
सक्रिय राजनीति में सुनेत्रा पवार काफी देर से आईं. सक्रिय राजनीति में उनकी एंट्री 2024 के लोकसभा चुनाव से हुई. 2024 का लोकसभा चुनाव उन्होंने बारामती से अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ लड़ा. इस चुनाव में सुनेत्रा पवार 1.58 लाख वोटों से सुप्रिया सुले से हार गई थीं. इसके बाद जून 2024 में उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया.
पवार परिवार में कैसे बदलेगा पावर गेम?
सुनेत्रा पवार अब डिप्टी सीएम बनेंगी. सुनेत्रा अभी राज्यसभा सांसद हैं. डिप्टी सीएम बनने के लिए उन्हें विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना पड़ेगा. इसका मतलब हुआ कि उन्हें अपनी राज्यसभा सीट छोड़नी होगी. अजित पवार बारामती से विधायक थे. उनके निधन से ये सीट भी खाली हो गई है. इसलिए सुनेत्रा पवार बारामती से ही उपचुनाव लड़ सकती हैं और विधायक बन सकती हैं. सुनेत्रा पवार के राज्यसभा सीट छोड़ने के बाद उनके बेटे पार्थ को राज्यसभा में भेजा जा सकता है. पार्थ लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन हार गए थे.
कितनी संपत्ति है?
सुनेत्रा पवार के पास 127 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है. इसमें उनके पति अजित पवार की संपत्ति भी शामिल है. 2024 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास 30.32 करोड़ रुपये की चल और 97.94 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है. उनके ऊपर 17 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी है.














