7 लाख के इलाज के लिए 400 रुपये का 'नकली बम': पुणे अस्पताल को दहलाने वाली सनसनीखेज इनसाइड स्टोरी

पुणे के एक अस्पताल में बम जैसी वस्तु रखकर दहशत फैलाने वाले आरोपी शिवाजी राठौड़ को ATS ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने अपने इलाज के खर्च से परेशान होकर अस्पताल को धमकाने और वसूली करने के लिए महज 400 रुपये में नकली बम तैयार किया था, जिसे खोजने में पुलिस के लाखों रुपये खर्च हो गए.

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महाराष्‍ट्र में पुणे के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में बम मिलने की घटना ने महाराष्ट्र पुलिस और एटीएस (ATS) की नींद उड़ा दी थी, लेकिन जब इसकी 'इनसाइड स्टोरी' सामने आई, तो जांच अधिकारी भी हैरान रह गए. यह पूरी साजिश किसी आतंकी संगठन की नहीं, बल्कि एक हताश और बीमार शख्स की थी, जिसने अपने इलाज के पैसे जुटाने के लिए पूरे शहर को दांव पर लगा दिया था.

7 लाख का इलाज और ₹400 की साजिश

आरोपी शिवाजी राठौड़ एक गुप्त रोग से पीड़ित था. जब वह इलाज के लिए पुणे के संबंधित अस्पताल पहुंचा, तो उसे बताया गया कि उसके उपचार पर करीब 7 लाख रुपये का खर्च आएगा. आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिवाजी ने अस्पताल से ही पैसे वसूलने का एक खतरनाक रास्ता चुना. उसने सोचा कि अगर वह अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी देगा, तो डर के मारे अस्पताल प्रबंधन उसे मोटी रकम दे देगा, जिससे वह अपना इलाज करा सकेगा.

डिजिटल पेमेंट ने बिगाड़ा खेल

शिवाजी ने महज 400 रुपये खर्च करके एक संदिग्ध वस्तु (नकली बम) बनाई. इसके ल‍िए उसने एक डिजिटल टाइमर घड़ी, चार पीवीसी पाइप, लाल और काले रंग के बिजली के तार और सेलो टेप ऑनलाइन मंगवाई. 
दिलचस्प बात यह है कि बम जैसा ढांचा बनाते समय उसका सेलो टेप खत्म हो गया था. उसने पास की दुकान से टेप खरीदा और उसका ऑनलाइन भुगतान किया. यही एक छोटी सी गलती पुलिस के लिए 'गोल्डन क्लू' साबित हुई. इसी ट्रांजैक्शन को ट्रैक करते हुए पुलिस आरोपी तक जा पहुंची.

1000 पुलिसकर्मी और 4 लाख का सर्च ऑपरेशन

जहां आरोपी ने इसे बनाने में सिर्फ ₹400 खर्च किए, वहीं इसकी गंभीरता को देखते हुए राज्य भर में करीब 1000 पुलिसकर्मियों और एटीएस के अधिकारियों को काम पर लगाया गया. इस पूरे सर्च ऑपरेशन और जांच में सरकारी खजाने के 4 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हो गए. छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से 2 किलो गांजा और घड़ी का कूरियर बॉक्स भी बरामद हुआ है.

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नेपाल भागने की फिराक में था आरोपी

पकड़े जाने के डर से शिवाजी नागपुर के रास्ते नेपाल भागने की तैयारी में था, जहां उसकी बहन रहती है. उसने अपनी बहन को फोन कर बहाना बनाया था कि "भारत में बहुत गर्मी है, इसलिए वह कुछ दिन वहां रहने आ रहा है." हालांकि, वह अपनी योजना में सफल होता, उससे पहले ही पुणे और नागपुर ATS ने एक संयुक्त ऑपरेशन में उसे वर्धा जिले के पुलगांव रेलवे स्टेशन पर शालीमार एक्सप्रेस (18029) से हिरासत में ले लिया.

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