- ठाणे जिले की पूनम क्लस्टर आवासीय सोसाइटी में बकरीद को लेकर पिछले दो दिनों से सांप्रदायिक तनाव है
- सुरक्षा के मद्देनजर 200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. सोसाइटी में सभाओं और नारेबाजी पर प्रतिबंध लगा है
- विवाद सृष्टि कॉम्प्लेक्स में कुर्बानी के बकरों के लिए बनाए गए अस्थायी शेड के विरोध से शुरू हुआ था
बरकीद 28 मई को है. इसे लेकर महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड स्थित पूनम क्लस्टर आवासीय सोसाइटी में पिछले दो दिनों से सांप्रदायिक तनाव बना हुआ है. बकरीद की वजह से 200 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के लिहाज से तैनात किया गया है. गुरुवार को मनाई जाने वाली बकरीद की वजह से सोसायटी की सुरक्षा चाक चौबंद है.
इस इलाके में सभाओं और नारेबाजी पर भी प्रतिबंध लगा हुआ है. सोसायटी में एक गुट द्वारा बलि के बकरे को लेकर जाने पर आपत्ति के बाद से तनाव पैदा हुआ. इसके बाद एक सुअर को सोसाइटी में ले जाते हुए देखा गया. हालांकि पुलिस वाले उसे रोकने के लिए संघर्ष करते दिखे.
तनाव की वजह क्या थी?
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पूनम क्लस्टर क्षेत्र के सृष्टि कॉम्प्लेक्स में रविवार को लोगों और हिंदू संगठनों ने परिसर में कुर्बानी के बकरों के लिए बनाए गए अस्थायी शेड का विरोध किया था. जिसके बाद वहां विवाद खड़ा हो गया. हालांकि विरोध के बाद उस ढांचे को हटा दिया गया. लेकिन सोमवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद तवान फिर से बढ़ गया. इस मामले पर काशिमीरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करने के लिए हस्तक्षेप भी किया, लेकिन बाद में उसी रात कथित तौर पर झड़प हो गई. मंगलवार रात पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम के चार वाहनों में 51 बकरियों को सोसायटी से हटा दिया गया है.
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की दखलअंदाजी
प्रदर्शन कर रहे सोसायटी के लोग जब गेट पर जमा होकर नारे लगाने लगे, हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे और मंगलवार को परिसर के अंदर एक सुअर लाने की कोशिश करने लगे तो हालात और ज्यादा बिगड़ गए. बाद में वीएचपी के कार्यकर्ता बकरियों की कथित तौर पर वापसी के विरोध में वहां पहुंच गए. स्थानीय लोगों के मुताबिक, वीएचपी के एक पदाधिकारी और दो अन्य लोगों पर कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला भी किया गया.
मंगलवार को सोसायटी परिसर में पूरे दिन अशांत माहौल बना रहा. वहां पर हिंदू संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और नारे लगा रहे थे, साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे. पुलिस स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए लगातार संघर्ष करती रही.
सुअर के साथ विरोध प्रदर्शन
मंगलवार दोपहर को जब बलि के बकरों को सोसायटी में लाया जा रहा था तभी कुछ प्रदर्शनकारियों ने वहां पर एक सुअर लाने की कोशिश की. एक पुलिस अधिकारी के हाथ में एक सुअर के बच्चे को लेकर प्रदर्शनकारियों के बीच से भागते हुए देखा गया. कुछ लोग पुलिसकर्मी से सुअर के बच्चे को छीनने की कोशिश कर रहे थे.
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि यह सूअर "वराह पूजा" के लिए था, जो बलि के लिए बकरों को रखने के विरोध में की जा रही थी. हालांकि, "वराह पूजा" मुख्य रूप से वराह जयंती पर की जाती है, जो भगवान विष्णु के वराह अवतार का जन्मदिवस है और इस साल यह जयंती 12 सितंबर को होगी. अधिकारी अब सोसायटी में शांति बनाए रखने और वहां बिना किसी और लोगों को तनाव के बकरीद मनाने के लिए हाई अलर्ट पर हैं.













