'हाउसिंग सोसाइटी में कुर्बानी दी तो चलेगा बुलडोजर'- बकरीद पर नितेश राणे का बयान, वारिस पठान ने किया पलटवार

बकरीद को लेकर नितेश राणे के बयान ने महाराष्ट्र की सियासत गरमा दी है. हाउसिंग सोसायटी में कुर्बानी पर बुलडोजर और MCOCA की चेतावनी दी गई, जिस पर AIMIM नेता वारिस पठान ने तीखा पलटवार किया.

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Nitesh Rane Bakrid Statement: बकरीद को लेकर महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. मंत्री नितेश राणे के एक सख्त बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने हाउसिंग सोसायटियों में कुर्बानी देने पर बुलडोजर और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी, तो वहीं AIMIM नेता वारिस पठान ने पलटवार करते हुए सरकार और नियमों पर सवाल खड़े कर दिए. दोनों नेताओं के बयान के बाद यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन गया है.

नितेश राणे की सख्त चेतावनी

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने बकरीद को लेकर साफ संदेश दिया है कि कानून का उल्लंघन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने गौ तस्करी और गौवध पर सख्त रुख जताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी. राणे ने यह भी सवाल उठाया कि क्या दूसरे देशों में धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ जाकर ऐसी चीजों की इजाजत दी जाती है.

हाउसिंग सोसायटियों के लिए कड़े निर्देश

नितेश राणे ने खास तौर पर हाउसिंग सोसायटियों को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर किसी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए सोसायटी के भीतर कुर्बानी दी, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी. यहां तक कि ऐसे लोगों को अगले ही दिन जेल भेजने की बात भी कही गई है.

बुलडोजर और MCOCA की चेतावनी

मंत्री राणे ने अपने बयान में सख्ती दिखाते हुए कहा कि अगर कोई नियम तोड़ता है, तो उस पर सिर्फ सामान्य कार्रवाई नहीं होगी. उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा सकती है और गंभीर मामलों में मकोका (MCOCA) जैसे सख्त कानून भी लगाए जाएंगे.

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‘वर्चुअल बकरीद' का सुझाव

नितेश राणे ने एक और विवादित बात कहते हुए सुझाव दिया कि जैसे अन्य समुदायों को अपने त्योहार पर्यावरण को ध्यान में रखकर मनाने की सलाह दी जाती है, वैसे ही बकरीद भी "वर्चुअल" तरीके से मनाई जा सकती है. उनके इस बयान ने बहस को और तेज कर दिया.

वारिस पठान का तीखा पलटवार

राणे के बयान के तुरंत बाद AIMIM नेता वारिस पठान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दूसरे धर्मों के त्योहार भी वर्चुअल तरीके से मनाए जा सकते हैं. उन्होंने साफ कहा कि इस्लाम में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है. वारिस पठान ने यह भी कहा कि अगर सरकार को गाय से इतना लगाव है, तो उसे देश का राष्ट्रीय पशु क्यों नहीं घोषित कर दिया जाता. इस बयान के जरिए उन्होंने सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की.

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बीफ और एक्सपोर्ट पर भी उठे सवाल

पठान ने सरकार पर निशाना साधते हुए बीफ कारोबार का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने पूछा कि क्या देश के सभी राज्यों में बीफ पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा. साथ ही उन्होंने दावा किया कि देश से बड़े पैमाने पर बीफ का निर्यात होता है और कई बूचड़खाने गैर-मुस्लिमों के स्वामित्व में हैं.

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