- मुंबई में हुई अच्छी बारिश से शहर को पानी सप्लाई करने वाली 7 झीलें 90 प्रतिशत तक भर चुकी हैं.
- हालांकि BMC की तरफ से पानी की सप्लाई में 10 प्रतिशत की कटौती की जा रही है. लेकिन इसे अभी हटाया नहीं जाएगा.
- BMC का कहना है सिंतबर के बाद पानी की सप्लाई सुचारू रुप से होगी. 100 प्रतिशत झीलें भरने का इंतजार है.
मुंबई में पिछले एक हफ्ते में झमाझम बारिश मुंबईवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. क्योंकि शहर को पानी की सप्लाई करने वाली सात झीलों का कुल जलस्तर 90 प्रतिशत से ज्यादा भर गया है. इसके बावजूद भी मुंबई महानगरपालिका यानि BMC शहर में फिलहाल लागू पानी की 10 प्रतिशत कटौती को तुरंत हटाने की संभावना में नहीं है. बताया जा रहा है कि सिंतबर के आखिरी तक ही यह रोक हट सकती है. फिलहाल पानी की सप्लाई अभी कम ही रहेगी. लेकिन मुंबई के लोगों के लिए यह अच्छी खबर हैं, क्योंकि भविष्य में पानी की कमी नहीं रहने की संभावना ज्यादा रहेगी.
मुंबई में सिंतबर तक जारी रहेगी कटौती
बृहन्मुंबई नगर निगम BMC के अधिकारियों ने साफ किया है कि जब तक सभी सात जलाशय अपनी पूरी क्षमता 100 प्रतिशत तक नहीं भर जाते, तब तक पानी की कटौती वापस नहीं ली जाएगी. लगातार हो रही भारी बारिश के बाद मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली सात झीलों में से चार तुलसी, विहार, तानसा और मोदक सागर पूरी तरह भरकर ओवरफ्लो हो रही हैं. इन जलाशयों में इस समय लगभग 13.03 लाख मिलियन लीटर पानी जमा हो चुका है. हालांकि मुंबई को सबसे ज्यादा पानी की आपूर्ति करने वाले दो सबसे बड़े जलाशय भाटसा और अपर वैतरणा अभी भी शत-प्रतिशत नहीं भरे हैं. चूंकि शहर की सालभर की प्यास इन्हीं बड़े जलाशयों पर निर्भर करती है, इसलिए बीएमसी सावधानी से आगे बढ़ रही है.
मुंबई की सातों झीलों में जलस्तर का प्रतिशत.
- मोडक सागर: 100.00 प्रतिशत
- विहार: 100.00 प्रतिशत
- तुलसी: 100.00 प्रतिशत
- तानसा: 99.58 प्रतिशत
- मिडल वैतरणा: 92.15 प्रतिशत
- भातसा: 88.43 प्रतिशत
- अप्पर वैतरणा: 80.14 प्रतिशत
झीलों में पानी का स्तर संतोषजनक होने के बावजूद, महानगरपालिका वर्तमान में जारी पानी की कटौती को तुरंत वापस लेने के मूड में नहीं है. प्रशासन का कहना है कि वे आगामी कुछ हफ्तों में होने वाली बारिश, झीलों में पानी की आवक और अगले पूरे साल के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता का सटीक अनुमान लगाने के बाद ही अंतिम निर्णय लेंगे. यही कारण है कि झीलों के भरने के बाद भी बीएमसी कुछ समय तक 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनाएगी.
इनपुट-देवेंद्र कोल्हटकर
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