- मुंबई पुलिस ने बंगाल के न्यू बराकपुर से 28 वर्षीय सौरव विश्वास को बम धमकी भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है
- आरोपी ने पांच दिनों में मुंबई, दिल्ली और गुजरात समेत विभिन्न जगहों पर 50 से अधिक धमकी भरे ईमेल भेजे थे
- धमकियों में मुंबई के स्कूल, मेट्रो स्टेशन, स्टॉक एक्सचेंज और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान निशाना बने थे
देश के विभिन्न राज्यों में बम धमाकों की फर्जी धमकियां भेजकर दहशत फैलाने वाले एक शातिर आरोपी को मुंबई पुलिस ने पश्चिम बंगाल से धर दबोचा है. आरोपी की पहचान 28 वर्षीय सौरव विश्वास के रूप में हुई है, जिसे उत्तर 24 परगना के न्यू बराकपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया है.
5 दिनों में 50 से ज्यादा धमकियां
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी सौरव विश्वास ने पिछले महज पांच दिनों के भीतर मुंबई, दिल्ली और गुजरात समेत देश के कई हिस्सों में 50 से अधिक बम धमाकों की धमकियां ईमेल के जरिए भेजी थीं. इन धमकियों का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों को छकाना और आम जनता के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा करना था.
इन प्रमुख ठिकानों को बनाया निशाना
आरोपी ने इंटरनेट के जरिए ईमेल भेजकर जिन जगहों को उड़ाने की धमकी दी थी, उनमें मुंबई के प्रतिष्ठित स्कूल, स्टॉक एक्सचेंज, मुंबई मेट्रो स्टेशन, दिल्ली और गुजरात के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान शामिल हैं.
27 फरवरी, सुबह 8:46 बजे: मुंबई के स्कूलों और मेट्रो स्टेशनों को एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें 48 घंटे के भीतर ब्लास्ट करने की बात कही गई. धमकी मिलते ही दिंडोशी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. तकनीकी विश्लेषण और ईमेल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने आरोपी की लोकेशन पश्चिम बंगाल में ट्रेस की. जांच में पता चला कि आरोपी ने 16 फरवरी 2026 को अहमदाबाद में भी इसी तरह का ईमेल भेजा था. अहमदाबाद साइबर पुलिस ने उसे 1 मार्च 2026 को पहले ही हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने उसे वहां से अपनी कस्टडी में लिया.
साजिश या शरारत? पुलिस कर रही पूछताछ
गिरफ्तार सौरव विश्वास से फिलहाल कड़ी पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने यह सब महज 'साइबर शरारत' के लिए किया या फिर इसके पीछे कोई बड़ा आतंकी नेटवर्क या गहरी साजिश छिपी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, "आरोपी ने दहशत फैलाने के इरादे से इंटरनेट का सहारा लिया था. फिलहाल उसके पिछले रिकॉर्ड और डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहराई से जांच की जा रही है."














