ट्विशा शर्मा की शादीशुदा जिंदगी बहुत टॉक्सिक थी, जिसमें उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना सहनी पड़ी थी परिवार और समाज की परंपरागत सोच के कारण ट्विशा पर हिंसा के बावजूद शादी बचाने का दबाव था सपोर्ट सिस्टम की कमी ने ट्विशा के आत्मसम्मान को प्रभावित किया और उसे सही निर्णय लेने से रोका