महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: BJP ने 9 में से 5 सीटों पर उतारे उम्मीदवार, MVA में उद्धव ठाकरे को लेकर मंथन तेज

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर MVA की ओर से नामांकन दाखिल करते हैं, तो उपमुख्यमंत्री उनके खिलाफ एक अतिरिक्त उम्मीदवार उतार सकते हैं. इससे चुनाव निर्विरोध होने के बजाय मुकाबले में बदल सकता है.

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  • महाराष्ट्र विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव में भाजपा ने नौ सीटों में से पांच के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए
  • महायुति गठबंधन के पास नौ सीटों में से आठ सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल और सीट वितरण तय माना जा रहा है
  • शिवसेना और एनसीपी अपने उम्मीदवारों के चयन पर अंतिम निर्णय लेने की प्रक्रिया में हैं और मंथन जारी है
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महाराष्ट्र में होने वाले विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. भारतीय जनता पार्टी ने 9 में से 5 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवारों में सुनील विनायक करजतकर, माधवी नाईक, संजय नत्थूजी भेंडे, विवेक विपिनदादा कोल्हे और प्रमोद शांताराम जठार शामिल हैं. ये सभी उम्मीदवार अगले दो दिनों में अपना नामांकन दाखिल करेंगे, जिसमें 29 अप्रैल नामांकन की अंतिम तिथि है.

महायुति vs MVA: आंकड़ों का खेल

राज्य की 9 सीटों में से महायुति (BJP-शिवसेना-एनसीपी) के पास 8 सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल है. सीटों का बंटवारा भी लगभग तय माना जा रहा है—BJP को 5, को 2 और (NCP) को 1 सीट मिलने की संभावना है. वहीं, एक सीट (MVA) के खाते में जा सकती है. MVA में इस एक सीट को लेकर बड़ा सस्पेंस बना हुआ है और (NCP-SP) दोनों ही को उम्मीदवार बनाने पर जोर दे रहे हैं. अगर ठाकरे मैदान में उतरते हैं, तो यह चुनाव और भी दिलचस्प हो सकता है.

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शिवसेना और NCP में मंथन जारी

शिवसेना अपने दो उम्मीदवारों को लेकर अंतिम दौर में है. पूर्व उपसभापति का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि दूसरे उम्मीदवार को लेकर चर्चा जारी है. वहीं, NCP को भी अपने एक उम्मीदवार के नाम पर फैसला लेना बाकी है.

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क्या होगा उद्धव ठाकरे का फैसला?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर MVA की ओर से नामांकन दाखिल करते हैं, तो उपमुख्यमंत्री उनके खिलाफ एक अतिरिक्त उम्मीदवार उतार सकते हैं. इससे चुनाव निर्विरोध होने के बजाय मुकाबले में बदल सकता है.

BJP की रणनीति: सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन

BJP द्वारा घोषित उम्मीदवारों में स्पष्ट रूप से सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश दिखती है.

  1. सुनील करजतकर – संगठन मंत्री और पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता
  2. माधवी नाईक – ठाणे से, महामंत्री और अनुसूचित जाति समुदाय का प्रतिनिधित्व
  3. संजय भेंडे – नागपुर नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष और 2013 से BJP के राज्य कार्यकारिणी सदस्य
  4. विवेक कोल्हे – पूर्व विधायक स्नेहलता कोल्हे के पुत्र, सहकार क्षेत्र के दिग्गज शंकरराव कोल्हे के परिवार से, अहिल्यानगर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व
  5. प्रमोद जठार – कोंकण के कणकवली से पूर्व विधायक

उपचुनाव के लिए भी उम्मीदवार घोषित

BJP ने विधान परिषद की एक रिक्त सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में डॉ. प्रज्ञय राजीव सातव को उम्मीदवार बनाया है. यह सीट के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिन्होंने 18 दिसंबर 2025 को कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थाम लिया था.

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चुनावी तस्वीर

द्विवार्षिक चुनाव: 9 सीटें
उपचुनाव: 1 सीट
नामांकन की अंतिम तिथि: 29 अप्रैल

आने वाले दो दिन बेहद अहम हैं. खासकर यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उद्धव ठाकरे चुनावी मैदान में उतरते हैं और क्या महायुति इस चुनाव को निर्विरोध कराने में सफल होती है या फिर मुकाबला देखने को मिलेगा.

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