NCP Political Termoil: महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP - अजित पवार गुट) के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद आनंद परांजपे ने पार्टी के सभी पदों के साथ-साथ प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को भेज दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है.
आनंद परांजपे () केवल पार्टी के सदस्य ही नहीं थे, बल्कि उनके पास संगठन की अहम जिम्मेदारियां थीं. लिहाजा, उन्होंने पार्टी के प्राथमिक सदस्यता के साथ ही पार्टी महासचिव, महाराष्ट्र समन्वयक (कोऑर्डिनेटर), प्रदेश प्रवक्ता के पद से अस्तीफा दे दिया है.
एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर इस्तीफा!
सूत्रों और राजनीतिक जानकारों की मानें, तो परांजपे की इस नाराजगी की मुख्य वजह विधान परिषद (MLC) की उम्मीदवारी न मिलना है. वे लंबे समय से इस रेस में शामिल थे, लेकिन पार्टी द्वारा नजरअंदाज किए जाने के बाद उन्होंने यह कड़ा कदम उठाया. उनके इस्तीफे से यह एक बार फिर साफ हो गया है कि अजित पवार गुट के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है.
पार्टी में आंतरिक कलह और अनदेखी का आरोप
आनंद परांजपे के इस्तीफे के पीछे केवल टिकट न मिलना ही एकमात्र कारण नहीं है. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से पार्टी नेतृत्व उन्हें हाशिए पर रखने की कोशिश कर रहा था. हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी, जिसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था. इसी "कारण बताओ" नोटिस और नेतृत्व की उपेक्षा से आहत होकर उन्होंने आखिरकार पार्टी को अलविदा कहना ही बेहतर समझा.
आनंद परांजपे के इस तरह पार्टी छोड़ने को एनसीपी (अजित पवार गुट) के लिए यह एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है. आनंद परांजपे जैसे अनुभवी नेता का साथ छोड़ना यह संकेत देता है कि पार्टी के भीतर आंतरिक कलह और असंतोष गहराता जा रहा है. अब देखना यह होगा कि परांजपे का अगला राजनीतिक कदम क्या होता है और वे किस खेमे में शामिल होते हैं.
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