महाराष्‍ट्र निकाय चुनाव में महायुति की जबरदस्‍त जीत, लेकिन इन 10 मंत्रियों के गढ़ में झेलनी पड़ी हार

महाराष्ट्र की 288 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम के विश्लेषण से साफ है कि राज्य सरकार के 10 मंत्रियों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में महायुति उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है. इन परिणामों ने सत्ता पक्ष के लिए आत्मचिंतन की स्थिति पैदा कर दी है.

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  • महाराष्ट्र की 288 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों के चुनावों में महायुति गठबंधन ने 207 निकायों पर कब्जा जमाया है.
  • भाजपा नगर परिषद चुनावों में 117 सीटों पर जीत हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है.
  • हालांकि महायुति को 10 मंत्रियों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में महायुति उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है.
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मुंबई:

महाराष्ट्र की 288 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों के चुनावी नतीजों में सत्ताधारी महायुति ने शानदार प्रदर्शन किया है. नगर परिषद चुनावों में भाजप ने 117 सीटों पर जीत दर्ज की है और इस तरह चुनाव में वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. महायुति (बीजेपी, शिंदे शिवसेना और अजित पवार) ने कुल 207 निकायों पर कब्जा जमाया है. हालांकि सत्ताधारी महायुति गठबंधन के दलों को कुछ हिस्सों में बड़ा झटका भी लगा है.

चुनाव परिणामों के विश्लेषण से साफ है कि राज्य सरकार के 10 मंत्रियों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में महायुति उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है. इन परिणामों ने सत्ता पक्ष के लिए इन क्षेत्रों में राजनीतिक पकड़ पर आत्मचिंतन की स्थिति पैदा कर दी है.

इन मंत्रियों के क्षेत्रों में मिली हार

कुछ प्रमुख मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्रों और उनके प्रभाव वाले इलाकों में मतदाताओं ने महायुति के दलों के खिलाफ जनादेश दिया है:

  • कैबिनेट मंत्री: अदिति तटकरे (श्रीवर्धन), नितेश राणे (मालवण/कणकवली), गुलाबराव पाटिल (धरणगांव), जयकुमार गोरे (सतारा), गिरीश महाजन, जयकुमार रावल, बाबासाहेब पाटिल, संजय सावकारे (भुसावल)
  • केंद्रीय मंत्री: रक्षा खडसे.
  • राज्यमंत्री: पंकज भोयर (वर्धा).

इन इलाकों में झेलनी पड़ी हार 

  • कोंकण: श्रीवर्धन में सुनील तटकरे और अदिति तटकरे के प्रभाव के बावजूद शिवसेना (ठाकरे) प्रत्याशी ने जीत दर्ज की. सिंधुदुर्ग में नितेश राणे को अपने ही भाई निलेश राणे (शिंदे गुट) के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी.
  • जलगांव: गार्डियन मिनिस्टर गुलाबराव पाटिल और मंत्री संजय सावकारे (जिनकी पत्नी चुनाव हार गईं) अपने क्षेत्रों में पार्टी को जीत दिलाने में विफल रहे.
  • सतारा: गार्डियन मिनिस्टर जयकुमार गोरे के जिले में भाजपा केवल 4 नगरपालिकाओं तक सिमट गई, जबकि शिंदे गुट ने 6 पर जीत हासिल की.
  • वर्धा: गृहराज्यमंत्री पंकज भोयर अपने अधिकृत भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने में असफल रहे.

ऐसी हार का मुख्य कारण स्थानीय स्तर पर जिला संपर्क मंत्रियों (गार्डियन मिनिस्टर) के प्रति नाराजगी और प्रशासनिक समन्वय की कमी को माना जा रहा है.

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