- महाराष्ट्र में निकाय चुनाव 2026 के लिए 29 नगर निगमों में चुनाव होना है, जिसमें सभी दल तैयारी में लगे हैं.
- महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति और महाअघाड़ी दो बड़े गठबंधन हैं जो निकाय चुनाव में आमने-सामने हैं.
- CM देवेंद्र फडणवीस ने महायुति गठबंधन में सभी दलों के लिए पर्याप्त जगह होने और नए दलों के शामिल होने की बात कही
Maharashtra Civic Elections 2026: निकाय चुनाव को लेकर इन दिनों महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज है. राज्य के 29 नगर निगमों में चुनाव होना है. जिसके लिए बीजेपी, शिवेसना, एनसीपी, कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं. महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई के बीएमसी चुनाव को लेकर है. BMC सहित महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों में होने वाले चुनाव को लेकर रविवार को मुंबई में NDTV पावर प्ले में प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों के बड़े-बड़े नेता पहुंचे. इसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे. इस दौरान देवेंद्र फडणवीस ने निकाय चुनाव को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब हम स्कूटर पर नहीं चलते, हमारे पास बहुत जगह है. छोटे-मोटे और साथी आएं तो बहुत जगह हैं.
महाराष्ट्र में इस समय महायुति vs महाअघाड़ी गठबंधन की राजनीति
सीएम देवेंद्र फडणवीस का यह बयान निकाय चुनाव में बीजेपी की गठबंधन की रणनीति की ओर इशारा करता है. दरअसल महाराष्ट्र में इस समय दो बड़े राजनीतिक गठबंधन आमने-सामने है. एक तरह भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट), एनसीपी (अजित पवार) को मिलाकर महायुति है तो दूसरी ओर शिवसेना (उद्धव ठाकरे), एनसीपी (शरद पवार) और कांग्रेस का महाअघाड़ी गठबंधन है.
महायुति में सभी दलों के पर्याप्त जगहः फडणवीस
निकाय चुनाव के अलग-अलग क्षेत्रों में अपना मजबूत प्रभाव बनाने के लिए अन्य दलों के लिए गठबंधन कर रही है. हालांकि बीच-बीच में शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे की नाराजगी की बातें सामने आई हैं. इस पर पूछे गए सवाल पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महायुति में सभी दलों के लिए पर्याप्त जगह है और गठबंधन में कोई दिक्कत नहीं है.
और छोटे-बड़े दल शामिल होना चाहें तो उनके लिए भी जगह बनाई जाएगीः फडणवीस
फडणवीस ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में साफ किया कि अगर छोटे-बड़े दल शामिल होना चाहें तो उनके लिए भी जगह बनाई जाएगी. साथ ही एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे पर उठे सवालों को खारिज किया और कहा कि वे अपने करीबियों से मिलने जाते हैं, लेकिन इसे नाराजगी के संकेत के रूप में पेश किया जाता है.
फडणवीस ने इस चुनाव में महायुति को स्पष्ट बहुमत मिलने का दावा किया और कहा कि किसी अन्य दल की जरूरत नहीं पड़ेगी. उन्होंने एकनाथ शिंदे द्वारा मीटिंग के बहिष्कार की बात पर भी सफाई दी. कहा कि ऐसी कोई बात नहीं थी, यदि नेता मीटिंग का बहिष्कार करता तो पार्टी के दूसरे नेता मीटिंग में क्यों होते?
बीएमसी चुनाव में विधानसभा से बेहतर नतीजा मिलेगाः फडणवीस
इस बार दोनों ठाकरे भाई एक साथ हैं, इसकी चुनौती कितनी बड़ी है. इस सवाल पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेरा मानना है कि विधानसभा चुनाव से ज्यादा बेहतर हमें लोगों का साथ मिलेगा. क्योंकि विधानसभा चुनाव के समय शिवसेना के वोटर थोड़ा कंफ्यूज थे. लेकिन इस बार शिवसेना के वोटर कंफ्यूजन नहीं है. ऐसे में इस बार विधानसभा चुनाव से बेहतर नतीजा हमें मिलेगा.
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