- ईरान-इजरायल युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में हालात खराब होने से होर्मुज मार्ग पर जहाज अटके हुए हैं
- पेट्रोल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में तेल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है
- महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में अफवाहों के कारण लोग पेट्रोल पंपों पर डब्बे और टंकियां लेकर पहुंच रहे हैं
ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट के हालात खराब हैं. होर्मुज के रास्ते आने वाले जहाज अटके हुए हैं. लेकिन देश में तेल की कमी नहीं है. पेट्रोल मंत्रालय भी ये बात साफ कर चुका है. लेकिन फिर भी लोग अफवाहों का शिकार हो रहे हैं और पैनिक सिचुएशन बनी हुई है. लोगों को लग रहा है कि तेल और गैस की कमी है, ऐसा न हो कि उनको न मिल पाए. हालांकि सरकार लगातार कह रही है कि तेल भरपूर है और सबको मिलेगा. लेकिन लोगों में डर बना हुआ है. यही वजह है कि वे पेट्रोल पंपों पर बड़ी-बड़ी टंकियां और डब्बे लेकर पहुंच रहे हैं. महाराष्ट्र के बुलढाणा का हाल भी कुछ ऐसा ही है. ग्राहक डब्बे और टंकियां लेकर पेट्रोल पंप पहुंच गए. ऐसा लग रहा है कि जैसे तेल नहीं पानी लेने गए हों.
लोगों की इस तरह की हरकतें देखकर जिला प्रशासन ईंधन राशनिंग करने के लिए मजबूर हो गया है. महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में ईंधन की किल्लत की अफवाहों से जगह-जगह पंपों पर ग्राहकों की होड़ मची हुई है. बुलढाणा के चिखली के एक पंप पर तो ग्राहक 200 लीटर की पानी की टंकी लेकर पहुंचा और डीजल भरकर ले गया. ये नजारा देखकर हर कोई हैरान था. वहीं अन्य ग्राहक प्लास्टिक डब्बों के साथ लाइन में लगे नजर आए.
पिछले दो दिनों से जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ रही है. कई पंपों पर स्टॉक खत्म होने की वजह से 'नो स्टॉक' के बोर्ड लगा दिए गए हैं. अफवाहों की वजह से मची अफरातफरी को देखते हुए जालना जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए और पेट्रोल पंपों पर ईंधन वितरण की सीमा तय कर दी गई.
आदेश में कहा गया है कि चार पहिया वाहन को अधिकतम 2,000 रुपये का ईंधन मिलेगा. जबकि दो पहिया वाहनों को अधिकतम 200 रुपये का ही पेट्रोल दिया जाएगा.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधिकारिक तौर पर ईंधन की कीमतों में वृद्धि या कमी को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है. इसके बावजूद, घबराहट में लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए घंटों कतारों में खड़े हैं. महामार्गों पर स्थित पंपों पर स्थिति अधिक तनावपूर्ण बनी हुई है.














