महाराष्‍ट्र में तेजी से चढ़ा कोरोना केसों का ग्राफ, कुल केसों के 83% सिर्फ मुंबई और पुणे सर्कल से..

महाराष्‍ट्र में फ़िलहाल कोरोना के 6,501 एक्टिव मरीज़ हैं. इसमें से 59% मरीज़ अस्पताल में इलाज करा रहे हैं वहीं 41% होम क्वारंटीन हैं. महाराष्ट्र के एक्टिव मरीज़ों की संख्या में कोई बढ़त नहीं लेकिन राजधानी मुंबई के एक्टिव मरीज़ों की संख्या 7 दिनों में 29% बढ़ी है.

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महाराष्ट्र और महानगर मुंबई में कोरोनावायरस के केस बढ़ रहे हैं (प्रतीकात्‍मक फोटो)
मुंबई:

Maharashtra:क्रिसमस और नए साल से पहले महाराष्ट्र और महानगर मुंबई में कोरोनावायरस के फैलाव में तेज़ी दिख रही है. मुंबई और पुणे सर्कल कोरोना के हॉटस्पॉट बने हुए हैं. पूरे राज्य में क़रीब एक करोड़ लोगों ने समय पर अपनी दूसरी डोज नहीं ली है. इधर कोविड के साये में बड़ा डर उनको सता रहा है जिनके घर त्योहारों से चलते हैं.चर्च के बाहर क्रिसमस कैप,सैंटा सॉक्स, खिलौने, कैंडल बेचते हुए एक शख्‍स ने कहा, 'धंधा एकदम चौपट है.क्या करेंगे? फिर नया वेरिएंट आया है.क्या पता शहर का क्या होगा. लोग मास्क भी तो नहीं लगाते हैं. हमारे बारे में कोई नहीं सोचता है.'

एक मुंबईकर ने विश्‍वास के साथ कहा, 'इस नए वायरस को भी हम बीट करेंगे. हर तरह से कोविड नियमों का पालन करना है. थोड़ी पाबंदी ठीक है,इस बात को लोगों को समझना चाहिए.' गौरतलब है कि धारा 144 लागू होने के बीच 24 घंटों में मुंबई शहर ने 490 कोविड संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए गए हैं, 68 दिनों में यह संख्‍या सबसे ज़्यादा है. उधर, इसी दौरान, महाराष्ट्र राज्‍य में 1201 कोविड मामले दर्ज हुए. 48 दिनों में यह संख्‍या सबसे ज़्यादा है. आसपास के इलाक़ों को मिलाकर पूरे मुंबई सर्कल से 687 मामले सामने आए और पुणे सर्कल से 306. यानी 24 घंटों में महाराष्ट्र के 83% मामले सिर्फ़ मुंबई-पुणे सर्कल से रिपोर्ट हुए हैं. 

राज्य में फ़िलहाल कोरोना के 6,501 एक्टिव मरीज़ हैं. इसमें से 59% मरीज़ अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं वहीं 41% होम क्वारंटीन हैं. महाराष्ट्र के एक्टिव मरीज़ों की संख्या में कोई बढ़त नहीं लेकिन राजधानी मुंबई के एक्टिव मरीज़ों की संख्या 7 दिनों में 29% बढ़ी है. सायन, बीएमसी अस्पताल के डीन डॉक्‍टर मोहन जोशी ने कहा, जब क्रिसमस का समय होता है तो बहुत सारे लोग यूरोप या दूसरे देशों से यहां हॉलिडे पर आते हैं. तो 15 जनवरी तक प्रशासन को बेहद सतर्क रहना है. हमारे हेल्थ कमिश्‍नर साहब ने साफ़ निर्देश दिए हैं  कि ऐसे लोग जो नया साल मनाने के बाद एक हफ़्ते में लौटेंगे और उसके बाद क़रीब 8-10 दिन तक बहुत सतर्क रहना होगा. कोरोना के जो नियम बने हैं, प्रशासन और पुलिस को साथ मिलकरउसका तेज़ी से पालन करवाना होगा.' 

महाराष्‍ट्र में टीकाकरण की रफ़्तार देखें तो राज्‍य नेअब तक अपनी योग्य आबादी के 87% को टीके की एक डोज़ दे दी है लेकिन पूर्ण टीकाकरण कवरेज लगभग 55% ही है. आंकड़ों से पता चला है कि पुणे में 11.6 लाख के बाद मुंबई में 6.5 लाख ऐसे  लोग हैं, जिन्होंने कोविशील्ड टीके की दूसरी डोज समय पर नहीं ली है. पूरे राज्य में क़रीब 1 करोड़ लोगों ने अपनी दूसरी डोज नहीं ली है. दो डोज़ वालों को सार्वजनिक जगहों पर एंट्री दी जा रही. बंद जगहों पर क्षमता से 50% और खुले में 25% को इजाज़त और धारा 144 जैसी पाबंदियां मुंबई में भीड़ पर क़ाबू पाने के लिए लागू हैं लेकिन मामले यूं ही तेज़ी से बढ़ते रहे तो सख़्ती और बढ़ सकती है. 

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