महाराष्ट्र के कल्याण के कारोबारी जयराम नेहलानी के 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए हुए अपहरण की गुत्थी उल्हासनगर पुलिस ने सुलझा ली है. इस मामले में मास्टरमाइंड और रियल एस्टेट एजेंट सचिन शिरसाट समेत पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
गिरोह बनाकर साजिश रची
पुलिस के मुताबिक, सचिन शिरसाट कल्याण का एक जाना-माना एस्टेट एजेंट है, जिसने कुछ युवाओं का गिरोह बनाकर इस अपहरण की साजिश रची थी. कुछ दिन पहले उल्हासनगर के गोल मैदान इलाके से जयराम नेहलानी का अपहरण कर लिया गया था. अपहरणकर्ताओं ने उनके परिवार से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी.
इसके बाद नेहलानी के रिश्तेदारों ने कल्याण जाकर एक व्यक्ति को मांगी गई रकम सौंप दी. हैरानी की बात यह रही कि पैसे लेने के बाद उस व्यक्ति ने नेहलानी को कुछ ही देर में घर पहुंचने की बात कही और पैसे देने वाले व्यक्ति को "थैंक्यू अंकल" कहकर वहां से चला गया.
पुलिस की दस टीमें गठित
इसी बीच उल्हासनगर के डीसीपी सचिन गोरे को इस अपहरण की भनक लग गई. उन्होंने आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की दस टीमें गठित कीं. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को ट्रैक करना शुरू किया और खड़वली इलाके में पहुंच गई. स्थानीय नागरिकों की मदद से पुलिस ने जयराम नेहलानी को सुरक्षित छुड़ा लिया और मौके से एक आरोपी को हिरासत में ले लिया.
जांच में सामने आया कि जयराम को जानने वाला सचिन शिरसाट ही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड था, जो घटना के बाद फरार हो गया था. पुलिस ने इस मामले में अब तक 5 आरोपियों अनिल जगताप, विशाल चंद्रमोरे, रमेश जाधव, सचिन शिरसाट और राहुल सोनी को गिरफ्तार किया है. वहीं सतीश दोंदे और मयूर दराने नामक दो आरोपी अब भी फरार हैं.
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