महाराष्‍ट्र में मंत्री पंकजा मुंडे की किरकिरी कराने वाले IAS अधिकारी सस्‍पेंड, जानें पूरा विवाद

महाराष्ट्र में मंत्री पंकजा मुंडे की बैठक में गैरहाजिरी पर IAS अधिकारी एम. देवेंद्र सिंह को निलंबित किया गया है. पंकजा मुंडे ने विधानसभा में बताया कि अधिकारी ने बार-बार बुलाने पर भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया और सूचना भी नहीं दी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • महाराष्ट्र सरकार ने IAS अधिकारी एम. देवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है
  • एम. देवेंद्र सिंह बार-बार बुलाने के बावजूद बैठक में शामिल नहीं हुए और सूचना भी नहीं दी
  • विधायक सदन में मंत्री पंकजा मुंडे ने अधिकारी की लापरवाही पर नाराजगी जताई और इसे विधानमंडल का अपमान बताया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
मुंबई:

महाराष्‍ट्र में मंत्री पंकजा मुंडे की किरकिरी कराने वाला IAS अधिकारी को सस्‍पेंड कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि ये अधिकारी पंकजा मुंडे के बार-बार बुलाने पर भी बैठक में नहीं पहुंचे. महाराष्ट्र सरकार ने जिस अधिकारी को सस्‍पेंड किया है, वो 2011 बैच के आईएएस अधिकारी और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के सदस्‍य सचिव एम. देवेंद्र सिंह हैं. आईएएस ऑफिस ने आखिर, क्‍यों मंत्री का कहना नहीं माना, ये सवाल खड़ा हो गया है. 

विधानसभा में हुई मंत्री की किरकिरी

आईएएस ऑफिस एम. देवेंद्र सिंह का मुद्दा 26 फरवरी को महाराष्‍ट्र विधानसभा में उठा. दरअसल, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे को चंद्रपुर जिले में प्रदूषण से संबंधित एक चर्चा पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया था. मुंडे ने विधानसभा को बताया किया कि वे विस्तृत जानकारी नहीं दे सकतीं, क्योंकि एम. देवेंद्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी उनके द्वारा बुलाई गई बैठक में उपस्थित नहीं हुए.

न आने पर एक मैसेज भी नहीं किया! 

पंकजा मुंडे ने सदन को बताया कि अधिकारी ने न केवल बार-बार याद दिलाने के बावजूद बैठक में भाग नहीं लिया, बल्कि कथित तौर पर एक मैसेज भेजकर अपनी अनुपस्थिति की सूचना भी दी थी. कार्यवाहक अध्यक्ष दिलीप लांडे ने मंत्री की शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अधिकारी की अनुपस्थिति को 'घोर लापरवाही' और 'विधानमंडल का अपमान' बताया. उन्होंने सरकार को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया. 

'संविधान का अपमान'

24 घंटे के भीतर, राज्य सरकार ने अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के तहत औपचारिक निलंबन आदेश जारी किया. सिंह के साथ, एमपीसीबी के संयुक्त निदेशक सतीश पडवाल को भी निलंबित कर दिया गया. इस मुद्दे ने कार्यपालिका और विधायिका के बीच तीखी बहस छेड़ दी. सुधीर मुनगंटीवार (वरिष्ठ भाजपा नेता) ने अधिकारी के आचरण को 'लोकतंत्र की निर्मम हत्या' और 'संविधान का अपमान' बताया. उन्होंने तर्क दिया कि नौकरशाहों को यह समझना चाहिए कि वे निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह हैं.

ये भी पढ़ें :- 'शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से अस्वीकार्य', CM फडणवीस ने इतिहास की व्याख्या पर छेड़ी नई बहस

वहीं, पंकजा मुंडे ने सदन में अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की अवज्ञा से मंत्री की जनता के प्रति जवाबदेही में बाधा आती है. एम. देवेंद्र सिंह को औपचारिक विभागीय जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया गया है. इस दौरान उनका मुख्यालय मुंबई में ही रहेगा और उन्हें आधिकारिक अनुमति के बिना शहर छोड़ने या किसी अन्य रोजगार में शामिल होने की मनाही है.

Advertisement

ये भी पढ़ें :- राज्य सभा सीट पर MVA में नहीं बनी सहमति, कांग्रेस और शरद पवार गुट आमने-सामने, ठाकरे गुट की दूरी से अटकलें तेज

Featured Video Of The Day
Bolivia Plane Crash: बोलीविया में करोड़ों के नोट लेकर जा रहा विमान क्रैश, 15 लोगों की मौत