- शनिवार वाड़ा के परिसर में जमा सूखे पत्ते और कचरे में अचानक आग लगने से व्यापक धुआं फैल गया था
- पुणे अग्निशमन विभाग की तत्पर कार्रवाई से आग को मुख्य ढांचे तक पहुंचने से पहले ही पूरी तरह बुझा दिया गया
- आग लगने की घटना के दौरान परिसर में पर्यटक मौजूद थे लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है
मराठा साम्राज्य के शौर्य और सत्ता के केंद्र रहे ऐतिहासिक शनिवार वाड़ा में आज आग लग गई. किले के परिसर में अचानक आग की खबर से हड़कंप मच गया, जिससे पेशवाओं की इस अनमोल विरासत पर खतरा मंडराने लगा था. हालांकि, समय रहते की गई कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टाल दिया.
कैसे लगी आग?
मिली जानकारी के अनुसार, किले की प्राचीर और दीवारों के भीतर बड़ी मात्रा में सूखे पत्ते और कचरा जमा था. दोपहर के समय इसमें अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे परिसर में काले धुएं का गुबार छा गया, जिससे वहां मौजूद पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई.
दमकल विभाग की मुस्तैदी
घटना की सूचना मिलते ही पुणे अग्निशमन दल की गाड़ियां और जवान मौके पर पहुंचे. दमकल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और कुछ ही समय में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया. राहत की बात यह रही कि आग मुख्य ढांचे तक पहुँचने से पहले ही बुझा दी गई.
बाजीराव-मस्तानी की यादों को संजोए यह वाड़ा पुणे और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान है. यहां रोजाना सैकड़ों पर्यटक आते हैं; घटना के समय भी परिसर में लोग मौजूद थे. सूखे पत्तों और कचरे के ढेर में लगी यह आग ऐतिहासिक स्मारकों के रखरखाव और सुरक्षा पर सवाल भी खड़े करती है. गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और इस ऐतिहासिक स्मारक को कोई बड़ा भौतिक नुकसान नहीं पहुंचा है.














