महाराष्ट्र सदन घोटाले में छगन भुजबल पूरी तरह 'क्लीन', ACB के बाद अब ED केस से भी हुए बरी 

यह मामला साल 2005-2006 का है, जब छगन भुजबल लोक निर्माण विभाग PWD के मंत्री थे. आरोप था कि उन्होंने बिना टेंडर जारी किए दिल्ली में 'महाराष्ट्र सदन' और अन्य सरकारी इमारतों के निर्माण का ठेका एक निजी फर्म चमंकर एंटरप्राइजेज को दिया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
छगन भुजबल को मिली बड़ी राहत
NDTV
मुंबई:

'महाराष्ट्र सदन घोटाला' मामले में एनसीपी (अजीत पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री छगन भुजबल को बड़ी राहत मिली है. एंटी करप्शन ब्यूरो ACB के बाद अब विशेष कोर्ट ने उन्हें प्रवर्तन निदेशालय ED के मनी लॉन्ड्रिंग मामले से भी दोषमुक्त कर दिया है.विशेष अदालत के न्यायाधीश सत्यनारायण नवंदर ने भुजबल और अन्य आरोपियों की 'डिस्चार्ज अर्जी' को मंजूर करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया.

चूंकि इस मामले में मूल अपराध ही अस्तित्व में नहीं बचा है, इसलिए ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग केस भी कानूनी रूप से नहीं टिक सकता.सितंबर 2021 में एसीबी की विशेष अदालत पहले ही भुजबल को भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कर चुकी थी. इसी को आधार बनाकर अब ईडी की कार्रवाई को भी खारिज कर दिया गया है.

क्या था महाराष्ट्र सदन घोटाला?

यह मामला साल 2005-2006 का है, जब छगन भुजबल लोक निर्माण विभाग PWD के मंत्री थे. आरोप था कि उन्होंने बिना टेंडर जारी किए दिल्ली में 'महाराष्ट्र सदन' और अन्य सरकारी इमारतों के निर्माण का ठेका एक निजी फर्म चमंकर एंटरप्राइजेज को दिया.जांच एजेंसियों का दावा था कि इसके बदले भुजबल परिवार और उनके करीबियों को वित्तीय लाभ पहुंचाया गया.

इसी मामले में ईडी ने मार्च 2016 में भुजबल को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें करीब दो साल जेल में बिताने पड़े. 2018 में उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत मिली थी.सितंबर 2021 में जब विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में भुजबल, उनके बेटे पंकज और भतीजे समीर को बरी किया था, तभी से यह माना जा रहा था कि ईडी का केस भी कमजोर हो जाएगा. सितंबर 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट के रुख के बाद अब विशेष अदालत का यह ताजा फैसला भुजबल के लिए कानूनी तौर पर अंतिम राहत माना जा रहा है. इस फैसले के साथ ही छगन भुजबल पर लगे इस बड़े घोटाले के मुख्य कानूनी बादल अब पूरी तरह छंट गए हैं.

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में महासंग्राम, कौन किसके साथ, कहां किसका दबदबा? जानें हर बात

यह भी पढ़ें: अब हम स्कूटर पर नहीं चलते, हमारे पास बहुत जगह है, छोटे-मोटे और साथी आएं तो बहुत जगह है: देवेंद्र फडणवीस

Featured Video Of The Day
Bharat Ki Baat Batata Hoon | Ujjain Violence: उज्जैन को किसने सुलगाया? 24 घंटे में 2-2 बार झड़प
Topics mentioned in this article