फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
- महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि देश की प्राथमिकता शिक्षा नहीं बल्कि दो वक्त का भोजन है
- पाटिल के अनुसार देश में शिक्षा पर कम खर्च की वजह प्राथमिकताओं में भोजन को अधिक महत्व देना है
- PM मोदी ने लगभग 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त राशन योजना और युवाओं के लिए अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम शुरू किए
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
मुंबई:
महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री और बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि देश की प्राथमिकता शिक्षा नहीं बल्कि दो वक्त का भोजन है. जब महाराष्ट्र में शिक्षा पर अन्य राज्यों की तुलना में कम खर्च के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा, पैसा हर देश की प्राथमिकताएं तय करता है.
चंद्रकांत पाटिल ने कहा, हमारे देश की प्राथमिकता लोगों को दो वक्त का भोजन उपलब्ध कराना है. प्रधानमंत्री मोदी ने 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ़्त राशन और युवाओं के लिए अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम शुरू किए.
तो अब, भोजन उतनी बड़ी समस्या नहीं है, फिर हम बुनियादी ढांचे की ओर बढ़े क्योंकि इसमें ज़्यादा निवेश आता है. क्या इसका मतलब यह है कि शिक्षा महत्वपूर्ण नहीं है? हां, लेकिन यह एक रास्ते पर चलती है. (अनुज राठे की रिपोर्ट)
Featured Video Of The Day
Iran Protest: अमेरिका-ईरान, होने वाला है घमासान? | Ali Khamenei vs Donald Trump |Dekh Raha Hai India














