पुणे मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार को कैबिनेट की मिली मंज़ूरी, पढ़ें आखिर लाइन-4 और लाइन-4ए से क्या कुछ बदलेगा

कैबिनेट नोट के मुताबिक लाइन-4 और 4ए खराडी आईटी पार्क से लेकर खडकवासला के दर्शनीय पर्यटन क्षेत्र तक, और हडपसर के औद्योगिक केंद्र से लेकर वारजे के आवासीय कलस्‍टर तक विविध इलाकों को एक साथ जोड़ेगी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पुणे:

पुणे मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार को केंद्रीय कैबिनेट ने मंज़ूरी दे दी है. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की एक अहम बैठक में  इस अहम प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई है. पुणे मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के तहत लाइन-4 (खराड़ी-हडपसर-स्वर्गेट-खड़कवासला) और लाइन-4ए (नल स्टॉप-वारजे-माणिक बाग) को मंजूरी दी गयी है। लाइन-2ए (वनाज-चांदनी चौक) और लाइन-2बी (रामवाड़ी-वाघोली/विट्ठलवाड़ी) को मंजूरी मिलने के बाद, यह दूसरे चरण के अंतर्गत स्वीकृत की गयी दूसरी बड़ी परियोजना है.

कैबिनेट की तरफ से जारी नोट के मुताबिक 28 एलिवेटेड स्टेशनों के साथ कुल 31.636 किलोमीटर लंबी लाइन-4 और 4ए, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम पुणे में आईटी केंद्रों, वाणिज्यिक क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय समूहों को जोड़ेगी. यह परियोजना 9,857.85 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पांच वर्षों में पूरी होगी. भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और बाहरी द्विपक्षीय/बहुपक्षीय वित्तपोषण एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से इसका वित्तपोषण किया जाएगा. 

ये लाइनें पुणे की कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और खराडी बाईपास तथा नल स्टॉप (लाइन-2) और स्वर्गेट (लाइन-1) पर चालू और स्वीकृत गलियारों के साथ सहजता से जुड़ेंगी. ये हडपसर रेलवे स्टेशन पर एक इंटरचेंज भी प्रदान करेंगी और लोनी कालभोर व सासवड रोड की ओर जाने वाले भविष्य के गलियारों से जुड़ेंगी, जिससे मेट्रो, रेल और बस नेटवर्क में सुचारू मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी.

कैबिनेट नोट के मुताबिक लाइन-4 और 4ए खराडी आईटी पार्क से लेकर खडकवासला के दर्शनीय पर्यटन क्षेत्र तक, और हडपसर के औद्योगिक केंद्र से लेकर वारजे के आवासीय कलस्‍टर तक विविध इलाकों को एक साथ जोड़ेगी. सोलापुर रोड, मगरपट्टा रोड, सिंहगढ़ रोड, कर्वे रोड और मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग को पार करते हुए, यह परियोजना पुणे के व्यस्ततम मार्गों पर भीड़भाड़ को कम करेगी, साथ ही सुरक्षा में सुधार और हरित, सतत आवागमन सुविधा को बढ़ावा देगी. लाइन-4 और 4ए पर दैनिक यात्रियों की संख्या 2028 में संयुक्त रूप से 4.09 लाख होने की उम्मीद है, जो 2038 में लगभग 7 लाख, 2048 में 9.63 लाख और 2058 में 11.7 लाख से अधिक हो जाएगी. इसमें से, खराडी-खड़गवासला कॉरिडोर पर 2028 में 3.23 लाख यात्री होंगे, जो 2058 तक बढ़कर 9.33 लाख हो जाएंगे, जबकि नल स्टॉप-वारजे-माणिक बाग स्पर लाइन पर इसी अवधि में यात्रियों की संख्या 85,555 से बढ़कर 2.41 लाख हो जाएगी. 

Advertisement

महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महा-मेट्रो) इस परियोजना का क्रियान्वयन करेगी. महा-मेट्रो सभी तरह के सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिस्टम संबंधी कार्य करेगा. स्थलाकृतिक सर्वेक्षण और विस्तृत डिजाइन संबंधी परामर्श जैसी निर्माण-पूर्व गतिविधियां पहले से जारी हैं. बुधवार को मिली मंज़ूरी के बाद पुणे मेट्रो का नेटवर्क 100 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा, जो शहर में ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को मज़बूत बनाएगा. लाइन-4 और 4ए तैयार होने पर ट्रैफि‍क कम करने और नागरिकों को एक सुरक्षित और किफायती पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विकल्प प्रदान करेंगे.

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Iran Israel War | Bharat Ki Baat Batata Hoon: ईरान नहीं रूस में है Mojtaba Khamenei?
Topics mentioned in this article