- 15 जनवरी को हुए बीएमसी चुनाव में मुंबई के पॉश कोलाबा वार्ड 227 में मात्र 20.88 प्रतिशत मतदान हुआ
- कोलाबा वार्ड 227 में कुल 46,036 मतदाताओं में से केवल 9,614 ने मतदान किया जो मुंबई में सबसे कम प्रतिशत है
- कोलाबा क्षेत्र विविध भाषायी और धार्मिक समुदायों का घर है, जहां मतदाता उदासीनता की परंपरा पहले से ही मौजूद है
लंबे इंतजार के बाद 15 जनवरी को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव हुए. मुंबई के विभिन्न हिस्सों के लोगों में मतदान को लेकर उत्साह देखा गया. बड़ी संख्या में लोग अपने मताधिकार के उपयोग के लिए घरों से बाहर निकले. इस बीच निराश करने वाली खबर यह रही कि मुंबई के पॉश कोलाबा इलाके के एक वार्ड में सिर्फ 20.88 प्रतिशत ही मतदान हुआ. ये पहली बार नहीं है जब कोलाबा में इतना कम मतदान दर्ज किया गया. पिछले चुनावों में भी कोलाबा के लोगों की कम भागीदारी की परंपरा रही है, जो इस चुनाव भी कायम रही.
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कोलाबा में लोगों ने किया कम मतदान
अंतिम मतदान आंकड़ों के मुताबिक, कोलाबा के कुछ हिस्सों को कवर करने वाले नगर निकाय वार्ड 227 में 20.88 प्रतिशत मतदान हुआ, जो मुंबई के कुल 227 नगर निकाय वार्डों में सबसे कम है. यह वार्ड मुंबई के कुल मतदान प्रतिशत 52.94 के आधे तक भी नहीं पहुंच सका, यानी कुल 46,036 में से केवल 9,614 निवासियों ने मतदान किया. इस ‘पॉश' इलाके के अन्य दो वार्ड-226 और 225-में क्रमशः 50.69 प्रतिशत और 45.59 प्रतिशत मतदान हुआ.
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के भाई और बीजेपी उम्मीदवार मकरंद नार्वेकर, जो चुनावों में सबसे अमीर उम्मीदवार हैं, वह वार्ड 226 से चुनाव लड़ रहे थे, जबकि उनकी रिश्तेदार गौरवी शिवालकर नार्वेकर वार्ड 227 से चुनावी मैदान में रहीं.
मुंबई का पॉश इलाका है कोलाबा
कोलाबा मुख्य रूप से नगर निकाय वार्ड 225, 226 और 227 के अंतर्गत आता है. यह मुंबई के सबसे विविध इलाकों में से एक है, जहां मराठी भाषी परिवार, पारसी, मुस्लिम, ईसाई और सिंधी समुदाय के लोगों के अलावा नौसैनिक प्रतिष्ठानों की मौजूदगी के कारण रक्षा कर्मी भी रहते हैं. इस इलाके में विरासत क्षेत्र और महंगे आवासीय परिसर हैं. इनके अलावा यहां पुरानी आवासीय कॉलोनियां और चॉल भी हैं. इसी वजह से यहां नागरिकों कीचिंताएं भी अलग-अलग हैं.
कोलाबा में कम वोटिंग की परंपरा
सितंबर 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले, भारत निर्वाचन आयोग ने कोलाबा में मतदाताओं की उदासीनता को लेकर चिंता जताई थी. तत्कालीन पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने शहरी इलाकों जैसे कोलाबा और कल्याण पश्चिम में कम मतदान को रेखांकित किया था और इन निर्वाचन क्षेत्रों तथा नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के बस्तर के बीच स्पष्ट अंतर की ओर इशारा किया था, जहां पिछले चुनावों में क्रमशः 78 प्रतिशत और 68 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था.
29 नगर निकायों के चुनाव में हुआ 54.77 फीसदी मतदान
महाराष्ट्र में गुरुवार को हुए 29 नगर निकायों के चुनाव में 54.77 फीसदी मतदान दर्ज किया गया.आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की नवगठित इचलकरंजी महानगरपालिका में सबसे ज्यादा 69.76 फीसदी, जबकि मीरा-भयंदर महानगरपालिका में सबसे कम 48.64 प्रतिशत मतदान हुआ. आंकड़ों के अनुसार, बीएमसी चुनाव में 52.94 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
कहां कितने प्रतिशत हुई वोटिंग?
आयोग ने बताया कि ठाणे महानगरपालिका चुनाव में 55.59 फीसदी, कल्याण-डोंबिवली में 50.32, नवी मुंबई में 57.15, उल्हासनगर में 52.10, भिवंडी निजामपुर में 53.43, वसई-विरार में 57.12, पनवेल में 55.67, नासिक में 56.67, मालेगांव में 64.08, धुले में 56.73, जलगांव में 53.60 फीसदी मतदान हुआ.
अहिल्यानगर में 64.67 फीसदी, पुणे में 52.42, पिंपरी-चिंचवड़ में 57.71, सोलापुर में 53.02, कोल्हापुर में 66.53, सांगली-मिराज-कुपवाड में 61.03, छत्रपति संभाजीनगर में 59.82, नांदेड़-वाघाला में 61.37, लातूर में 60.08, परभणी में 65.99, अमरावती में 54.10, अकोला में 55.61, नागपुर में 51.38, चंद्रपुर में 56.89 और जालना में 61.16 फीसदी मतदान दर्ज किया गया.
इनपुट-भाषा के साथ













