LIVE: मुंबई में चौंका रहे शुरुआती रुझान, महायुति को कड़ी टक्‍कर दे रहे ठाकरे बंधु, देखें लेटेस्‍ट अपडेट

BMC Election results : बीएमसी चुनाव के मतगणना जारी है. मुंबई में 227 सीटों के लिए कुल 1,729 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है. मुंबई में बीजेपी सबसे आगे चल रही है.

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  • बीएमसी चुनाव में आज मतगणना शुरू होकर मुंबई के नए मेयर का फैसला होगा, जिसमें बीजेपी की बढ़त बताई जा रही है
  • 25 वर्षों से शिवसेना का नियंत्रण रहा मुंबई में इस बार बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना
  • एग्जिट पोल के अनुसार, महायुति गठबंधन मराठा और प्रवासी मतदाताओं में अधिक लोकप्रिय साबित हो रहा है
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मुंबई:

मुंबई का नया किंग कौन...? ये आज पता चल जाएगा. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव के लिए काउंटिंग शुरू हो गई है. शुरुआती रुझान आने शुरू हो गए हैं. बीएमसी में बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों ने बढ़त बना ली है. क्या पहली बार मुंबई में बनेगा बीजेपी का मेयर या कायम रहेगा ठाकरे परिवार का किला, ये कुछ घंटों में साफ हो जाएगा. मुंबई पर पिछले 25 सालों से शिवसेना (अविभाजित) का कब्जा रहा है. पिछली बार 2017 में हुए बीएमसी चुनाव में बीजेपी 82 और शिवसेना को 84 सीटें मिली थीं. लेकिन इस बार बाजी पलट सकती है. बीएमसी चुनाव को लेकर आए एग्जिट पोल्‍स के सुझान कुछ इस ओर ही इशारा कर रहे हैं. मुंबई महानगरपालिका (BMC) में 52.94% मतदान हुआ है. एग्जिट पोल की मानें तो बीएमसी में बीजेपी को स्‍पष्‍ट बहुमत मिलने जा रहा है. बीएमसी के साथ इसकी करीबी नगरपालिकाकों नवी मुंबई, वसई-विरार, पनवेल, मीरा भायंदर, कल्याण-डोंबिवली और ठाणे पर भी लोगों की नजरें टिकी हुई हैं. 

BMC चुनाव रिजल्‍टआगेजीते
बीजेपी22-
एनसीपी+--
शिवसेना(यूबीटी)25-
कांग्रेस3-
शिवसेना (शिंदे गुट)9

10 प्रमुख महानगरपालिकाओं के आंकड़े

  • छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका- 59.82%
  • पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका- 57.71%
  • नवी मुंबई महानगरपालिका- 57.15%
  • वसई-विरार महानगरपालिका- 57.12%
  • ठाणे महानगरपालिका- 55.59%
  • मुंबई महानगरपालिका (BMC)- 52.94%
  • पुणे महानगरपालिका- 52.42%
  • नागपुर महानगरपालिका- 51%
  • मीरा-भाईंदर महानगरपालिका- 48.64%
  • कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका- 45%

क्‍या संकेत दे रहे एग्जिट पोल्‍स?

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना गठबंधन की भारी जीत तय मानी जा रही है. विभिन्न मतदान एजेंसियों के एग्जिट पोल्स के हवाले से आई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि ‘एकजुट' ठाकरे बंधुओं को इस चुनाव में कड़ी चुनौती के बावजूद खास सफलता नहीं मिलती दिख रही है. कम से कम दो एग्जिट पोल्स ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन के लिए स्पष्ट और निर्णायक जनादेश का अनुमान लगाया है. इन अनुमानों के मुताबिक, ठाकरे बंधु बड़े अंतर से पीछे चल रहे हैं, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन एक बार फिर कमजोर प्रदर्शन की ओर बढ़ता नजर आ रहा है.

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एग्जिट पोल्स के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन उत्तर और दक्षिण भारत से आए प्रवासी मतदाताओं की पहली पसंद बनकर उभरा है. इसके अलावा, मराठा वोटों का बड़ा हिस्सा भी इस गठबंधन को मिलने की संभावना जताई गई है. वहीं, ठाकरे चचेरे भाई मराठी और मुस्लिम वोटों को भी पूरी तरह एकजुट करने में नाकाम नजर आ रहे हैं. शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) गठबंधन पर इन वर्गों का भरोसा पूरी तरह बनता नहीं दिख रहा है. जेवीसी के अनुसार, भाजपा–शिवसेना गठबंधन 138 वार्डों में जीत दर्ज कर सकता है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) को 59 वार्ड मिलने की संभावना है. कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन काफी पीछे बताया गया है और उसके खाते में केवल 23 वार्ड आने का अनुमान है. 

अकेले मुंबई में 227 सीटों के लिए कुल 1,729 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है. शहर में 1.03 करोड़ से अधिक योग्य मतदाता हैं, जिनमें 55.16 लाख पुरुष और 48.26 लाख महिलाएं शामिल हैं.


आखिर BMC क्‍यों है इतनी महत्‍वपूर्ण 

865 में स्थापित बीएमसी केवल एक स्थानीय निकाय नहीं है. यह भारत का सबसे धनी निगम है. 74,000 करोड़ रुपए से अधिक के वार्षिक बजट के साथ, इसकी वित्तीय क्षमता गोवा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों से भी अधिक है. बीएमसी के राजस्व स्रोतों में प्रॉपर्टी टैक्स शामिल है, जो आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों से लिया जाता है. इसके अलावा सर्विस टैक्स, जैसे पानी का टैक्स, सीवरेज टैक्स और पार्किंग टैक्स भी शामिल हैं. विकास शुल्क में भवन निर्माण अनुमतियों और बुनियादी ढांचे के प्रीमियम से प्राप्त राशि शामिल है. इतना बड़ा राजस्व आधार बीएमसी को राज्य सरकार से स्वतंत्र रूप से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स चलाने की अनुमति देता है, जिससे इसका नियंत्रण किसी भी राजनीतिक दल के लिए महत्वपूर्ण संपत्ति बन जाता है.

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