- बीएमसी चुनाव में आज मतगणना शुरू होकर मुंबई के नए मेयर का फैसला होगा, जिसमें बीजेपी की बढ़त बताई जा रही है
- 25 वर्षों से शिवसेना का नियंत्रण रहा मुंबई में इस बार बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना
- एग्जिट पोल के अनुसार, महायुति गठबंधन मराठा और प्रवासी मतदाताओं में अधिक लोकप्रिय साबित हो रहा है
बीजेपी मुंबई का नया बॉस बनने जा रही है. बीजेपी की अगुवाई में पहली बार गठबंधन को बीएमसी में बहुमत मिला है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के लिए काउंटिंग जारी है और बीजेपी 90 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. वहीं, बीजेपी समर्थित पार्टी शिवसेना (शिंदे गुट) 29 सीटों पर आगे चल रही है. बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है और महायुति 119 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. ऐसे में बीजेपी के खेमे में खुशी का माहौल है. मुंबई पर पिछले 25 सालों से शिवसेना (अविभाजित) का कब्जा रहा है. पिछली बार 2017 में हुए बीएमसी चुनाव में बीजेपी 82 और शिवसेना को 84 सीटें मिली थीं.
| BMC चुनाव रिजल्ट | आगे | जीते |
| बीजेपी | 90 | - |
| एनसीपी+ | - | - |
| शिवसेना(यूबीटी) | 72 | - |
| कांग्रेस | 16 | - |
| एमएनएस | 10 | |
| शिवसेना (शिंदे गुट) | 29 |
10 प्रमुख महानगरपालिकाओं के वोटिंग के आंकड़े
- छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका- 59.82%
- पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका- 57.71%
- नवी मुंबई महानगरपालिका- 57.15%
- वसई-विरार महानगरपालिका- 57.12%
- ठाणे महानगरपालिका- 55.59%
- मुंबई महानगरपालिका (BMC)- 52.94%
- पुणे महानगरपालिका- 52.42%
- नागपुर महानगरपालिका- 51%
- मीरा-भाईंदर महानगरपालिका- 48.64%
- कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका- 45%
हालांकि, 'ठाकरे ब्रदर्स' की संयुक्त ताकत उम्मीदों से कम रही. उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) 72 वार्डों में आगे दिखी, जबकि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को सिर्फ 10 वार्डों में बढ़त मिली. राजनीतिक एकजुटता के प्रयासों के बावजूद दोनों दल भाजपा गठबंधन के मुकाबले काफी पीछे रह गए हैं.
मुंबई के अलावा, पूरे राज्य में भी रुझान भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में थे. 29 नगर निगमों में, भाजपा को 909 वार्डों में बढ़त मिली है, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना 237 वार्डों में आगे चल रही है.
पुणे एक और प्रमुख युद्ध का मैदान बनकर उभरा, जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों (अजित पवार गुट और शरद पवार गुट) ने नगर निगम चुनावों के लिए हाथ मिलाया. पुणे में परिणाम को जमीनी स्तर पर गठबंधन की चुनावी व्यवहार्यता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है.
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने मतगणना के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जो हिंदू हित की बात करेगा वही महाराष्ट्र पर राज करेगा. जय श्री राम."
आखिर BMC क्यों है इतनी महत्वपूर्ण
1889 में स्थापित बीएमसी केवल एक स्थानीय निकाय नहीं है. यह भारत का सबसे धनी निगम है. 74,000 करोड़ रुपए से अधिक के वार्षिक बजट के साथ, इसकी वित्तीय क्षमता गोवा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों से भी अधिक है. बीएमसी के राजस्व स्रोतों में प्रॉपर्टी टैक्स शामिल है, जो आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों से लिया जाता है. इसके अलावा सर्विस टैक्स, जैसे पानी का टैक्स, सीवरेज टैक्स और पार्किंग टैक्स भी शामिल हैं. विकास शुल्क में भवन निर्माण अनुमतियों और बुनियादी ढांचे के प्रीमियम से प्राप्त राशि शामिल है. इतना बड़ा राजस्व आधार बीएमसी को राज्य सरकार से स्वतंत्र रूप से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स चलाने की अनुमति देता है, जिससे इसका नियंत्रण किसी भी राजनीतिक दल के लिए महत्वपूर्ण संपत्ति बन जाता है.
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