Baba Siddique Murder Case: मुंबई के चर्चित पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में आरोपी आकाशदीप सिंह को मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी है. शीर्ष अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से साफ इनकार कर दिया और बाबा सिद्दीकी की पत्नी की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के वी विश्वनाथन की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट द्वारा दिए गए जमानत आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई ठोस आधार नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील चित्रा रामकृष्ण ने आरोपी की जमानत रद्द करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया. सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार की ओर से सिद्धार्थ धर्माधिकारी, आदित्य पी पांडे और सौरव सिंह ने पक्ष रखा.
हाईकोर्ट ने दी थी सशर्त जमानत
इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी आकाशदीप सिंह को सशर्त जमानत दी थी. कोर्ट ने साफ किया था कि इस फैसले का अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. जमानत के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं. उनमें आरोपी को हर दूसरे सोमवार संबंधित पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी. बिना ट्रायल कोर्ट की अनुमति राज्य से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी.
पासपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा. सुनवाई के दौरान आरोपी के वकीलों ने दलील दी थी कि जांच एजेंसियों के पास उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं, जिसके आधार पर उसे राहत दी गई.
बाबा सिद्दीकी की हत्या 12 अक्टूबर 2024 को हुई
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और अजित पवार के करीबी माने जाने वाले बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वे बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के करीबी दोस्त भी थे. 21 वर्षीय आकाशदीप सिंह को पंजाब के फाजिल्का जिले से गिरफ्तार किया गया था. मुंबई क्राइम ब्रांच ने पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के साथ मिलकर यह कार्रवाई की थी. वह इस मामले में 24वां गिरफ्तार आरोपी था, जबकि अब तक इस हत्याकांड में 27 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. आकाशदीप सिंह इस केस में जमानत पाने वाला पहला आरोपी है.














