'मुंब्रा को हरा बना देंगे', बयान पर AIMIM पार्षद सहर शेख ने मांगी माफी

मुंब्रा पुलिस ने बताया कि सहर यूनुस शेख को मीटिंग के बाद आईपीसी की धारा 168 के तहत नोटिस दिया गया था. उन्हें मुंब्रा पुलिस स्टेशन भी बुलाया गया था और उनका बयान दर्ज किया गया था.

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  • एआईएमआईएम की पार्षद सहर शेख ने विवादित बयान पर पुलिस नोटिस के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है
  • भाजपा नेता किरीट सोमैया की शिकायत के बाद मुंब्रा पुलिस ने सहर शेख को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था
  • सहर शेख ने माफीनामे में अपने बयान का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना न होना बताया है
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मुंबई:

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम की नवनिर्वाचित पार्षद सहर शेख ने अपने विवादित बयान पर माफी मांगी है. भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया ने जानकारी दी कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद सहर शेख ने माफी मांगी है. किरीट सोमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'मुंबई से मुंब्रा में एआईएमआईएम की नेता सहर शेख ने अपने 'मुंब्रा को हरा बना देंगे' बयान पर माफी मांगी है.'

सहर से पुलिस ने नोटिस भेज मांगा था जवाब

बीजेपी नेता ने जानकारी दी कि उनकी तरफ से शिकायत के बाद पुलिस ने सहर शेख को नोटिस भेजा और उनसे जवाब मांगा. आज मेरी फॉलो-अप विजिट के दौरान मुंब्रा पुलिस ने लिखित जवाब में मुझे माफी के बारे में बताया. इस पूरे मामले में भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी थी कि अगर सहर शेख माफी नहीं मांगती है तो उनके ऊपर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.

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माफीनामे में सहर शेख ने क्‍या लिखा?

मुंब्रा पुलिस की तरफ से किरीट सोमैया को भेजे गए पत्र में लिखा है, 'एआईएमआईएम पार्टी की पार्षद सहर यूनुस शेख से पूछताछ की गई, तो उन्होंने शुक्रवार को एक लिखित माफीनामा दिया. इस माफीनामे में उन्होंने लिखा है कि 18 जनवरी को एक मीटिंग में उन्होंने भाषण दिया था कि 'हम मुंब्रा को हरा बना देंगे.' उन्होंने ये शब्द अपनी पार्टी के झंडे और निशान के बारे में कहे थे. उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या माहौल खराब करना नहीं था. हम तिरंगे के लिए जीते हैं और तिरंगे के लिए मरते हैं. फिर भी, अगर उनके बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैंने लिखकर सबके सामने माफी मांगी है.'

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मुंब्रा पुलिस ने बताया कि सहर यूनुस शेख को मीटिंग के बाद आईपीसी की धारा 168 के तहत नोटिस दिया गया था. उन्हें मुंब्रा पुलिस स्टेशन भी बुलाया गया था और उनका बयान दर्ज किया गया था.

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