Simhastha 2028 Preparation: उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. महाकाल मंदिर तक जाने वाले मार्ग को सुगम और चौड़ा बनाने के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण ने बेगम बाग क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है. 15 साल पहले समाप्त हो चुकी लीज के बावजूद बने हुए मकानों पर अब बुलडोजर चलाया गया. हाई कोर्ट से स्टे हटते ही प्रशासन ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू कर दी.
बेगम बाग क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई
महाकाल मंदिर मार्ग के बेगम बाग इलाके में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने दो प्लॉट पर बने कुल 5 मकानों को जमींदोज किया. यह मकान प्राधिकरण की जमीन पर बने हुए थे, जिनकी लीज करीब 15 साल पहले ही खत्म हो चुकी थी. इसके बाद भी यहां निर्माण बना रहा, जिसे अब हटाया गया.
हाई कोर्ट से स्टे खत्म होते ही एक्शन
इन मकानों को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन था, जिस पर हाई कोर्ट से स्टे लगा हुआ था. जैसे ही स्टे समाप्त हुआ, प्राधिकरण ने तुरंत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी. प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है.
हरि फाटक ब्रिज के पास की कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई हरि फाटक ब्रिज के पास की जा रही है. सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस ब्रिज का चौड़ीकरण किया जाना प्रस्तावित है. इसके लिए आसपास के बाधक निर्माणों को हटाना जरूरी था.
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर फोकस
प्रशासन का साफ कहना है कि सिंहस्थ के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए अभी से व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है. सड़क चौड़ीकरण, यातायात सुगमता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है.
अब तक 45 मकान हो चुके हैं ध्वस्त
इस कार्रवाई को शांतिपूर्ण तरीके से अंजाम देने के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही. किसी भी संभावित विवाद से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था. प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, महाकाल मंदिर मार्ग पर अब तक कुल 45 मकानों को हटाया जा चुका है. आगे भी जहां-जहां अवैध या लीज समाप्त होने के बाद बने निर्माण पाए जाएंगे, वहां इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.














