किताबों में जो पढ़ा, वो आंखों के सामने तैरने लगा... उज्जैन की 'जादुई दूरबीन' से मात्र ₹20 में दिख रहे हैं चांद के 'जख्म'  

उज्जैन में आस्था ही नहीं, विज्ञान का भी मेला लगा है, जहां 20 रुपये देकर आप 28 मई से पहले अपनी आंखों से अंतरिक्ष की सैर कर सकते हैं. लेकिन, 10 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इस 'जादुई' खिड़की के दरवाजे बंद हैं.

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Space Tour for Just Rs 20: उज्जैन अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि विज्ञान और खगोल अध्ययन का नया आकर्षण भी बनता जा रहा है. शहर की प्राचीन जीवाजी वैधशाला में चल रहा “ग्रीष्मकालीन आकाशीय अवलोकन” कार्यक्रम पर्यटकों और विज्ञान प्रेमियों के लिए खास अनुभव साबित हो रहा है. यहां लोग 20 रुपये में अपनी आंखों से अंतरिक्ष की सैर कर चांद के गड्ढे और बृहस्पति के अद्भुत नजारे देख रहे हैं. 

दरअसल, जीवाजी वैधशाला में 21 मई से पर्यटकों के लिए विशेष आयोजन चल रहा है. 28 मई तक चलने वाले इस आयोजन में रोज शाम 7 से 9 बजे तक मात्र 20 रुपये में अंतरिक्ष की अनोखी दुनिया को करीब से देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं. यहां 8 इंच के शक्तिशाली टेलिस्कोप  से चंद्रमा की सतह पर बने विशाल क्रेटर, चमकता हुआ शुक्र ग्रह और बृहस्पति के साथ उसके उपग्रहों का अद्भुत दृश्य लोगों को रोमांचित कर रहा है. सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में चमकता शुक्र और उसके ऊपर दिखाई देता बृहस्पति, बढ़ते चंद्रमा के साथ मिलकर आसमान में दुर्लभ खगोलीय नजारा बना रहे हैं. 

<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="hi" dir="ltr">उज्जैन अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि विज्ञान और खगोल अध्ययन का नया आकर्षण भी बनता जा रहा है. शहर की प्राचीन जीवाजी वैधशाला में चल रहा “ग्रीष्मकालीन आकाशीय अवलोकन” कार्यक्रम पर्यटकों और विज्ञान प्रेमियों के लिए खास अनुभव साबित हो रहा है. यहां लोग 20 रुपये में अपनी आंखों से… <a href="https://t.co/xygrIq5XMw">pic.twitter.com/xygrIq5XMw</a></p>&mdash; NDTV MP Chhattisgarh (@NDTVMPCG) <a href="https://twitter.com/NDTVMPCG/status/2058145878683369487?ref_src=twsrc%5Etfw">May 23, 2026</a></blockquote> <script async src="" charset="utf-8"></script>

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छात्र हनी बोला- सपने जैसा एहसास

वैधशाला में पहुंचे पांचवीं के छात्र हनी ने बताया कि किताबों में पढ़े गए ग्रहों और चंद्रमा को टेलिस्कोप से अपनी आंखों के सामने देखना किसी सपने जैसा अनुभव था. सातवीं के छात्र प्रिंस ने कहा कि यह अनुभव इतना यादगार रहा कि वह अपने दोस्तों को भी यहां आने की सलाह देंगे. 

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10 साल से कम को नो इंट्री 

जीवाजी वैधशाला के अधीक्षक राजेंद्र गुप्त के अनुसार, साफ आसमान होने पर लोगों को अंतरिक्ष के कई रोचक दृश्य देखने का मौका मिल रहा है. सुरक्षा कारणों से 10 साल से कम उम्र के बच्चों की एंट्री नहीं रखी गई है. गर्मी की छुट्टियों में शुरू किया गया यह कार्यक्रम विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने का अनोखा प्रयास माना जा रहा है. 

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