किसानों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव, एडीएम का फूंका पुतला; 1100 गांव में चक्काजाम की चेतावनी

उज्जैन में ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया. एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर का पुतला जलाया गया और 1100 गांवों में चक्काजाम की चेतावनी दी गई.

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Hailstorm crop damage MP: मध्य प्रदेश के उज्जैन में ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सामने फूट पड़ा. भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और नाराजगी जताते हुए एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर का पुतला फूंक डाला. किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो जिले के 1100 गांवों में चक्काजाम किया जाएगा.

दरअसल, उज्जैन जिले में हाल ही में तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया था. इसी नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ सहित बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. किसानों का कहना है कि मुआवजा तुरंत घोषित किया जाए, क्योंकि अनेक परिवार पूरी तरह खेतों पर निर्भर हैं.

एडीएम से विवाद पर जलाया पुतला

प्रदर्शन के दौरान एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर मौके पर पहुंचे और किसानों का ज्ञापन लिया. किसानों का आरोप है कि एडीएम पहले बात करने को तैयार नहीं थे, जिससे किसान आक्रोशित हो गए. बाद में आश्वासन देने के बावजूद प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए और गुस्से में एडीएम का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया. नारेबाजी से कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर तनाव जैसी स्थिति बनी रही.

किसानों की प्रमुख मांगें

जिला अध्यक्ष बहादुर सिंह आंजना ने कहा कि बेमौसम बारिश से गेहूं का दाना चमकहीन हो गया है और गुणवत्ता के कारण किसानों को खरीदी में नुकसान न हो, इसका ध्यान सरकार रखे. किसानों की मांगें है कि...

  • आरबीसी धारा 6(4) के तहत प्रति हेक्टेयर 40,000 रुपये राहत राशि दी जाए.
  • फसल बीमा भुगतान तत्काल किया जाए.
  • रबी, चना, मटर, प्याज और लहसुन में हुई क्षति का सर्वे तुरंत कराया जाए.
  • सरकार गेहूं 2,700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदने के अपने वादे को पूरा करे.
  • वेयरहाउस को खरीदी केंद्र बनाया जाए और प्याज‑आलू का समर्थन मूल्य घोषित हो.

1100 गांवों में चक्काजाम की चेतावनी

एडीएम की प्रतिक्रिया से नाराज जिला उपाध्यक्ष शिव शरण चरण ने कहा कि प्रशासन को साफ‑साफ बताना चाहिए कि सर्वे कब होगा और मुआवजा कब मिलेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो किसान पूरे जिले के 1100 गांवों और विभिन्न तहसीलों में चक्काजाम करेंगे. किसानों ने साफ किया कि वे इस बार बिना ठोस कार्रवाई के पीछे नहीं हटेंगे.

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