सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में प्रशासन अब पूरी सख्ती के मूड में नजर आ रहा है. इसी कड़ी में नगर निगम ने जूना सोमवारिया इलाके में लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन लेते हुए 20 अवैध मकानों को ढहा दिया. ये वही जगह है जहां कोर्ट से स्टे मिलने के कारण करीब डेढ़ साल पहले कार्रवाई अधूरी रह गई थी. जैसे ही स्टे खत्म हुआ, निगम ने बिना देरी किए बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण साफ कर दिया.
डेढ़ साल बाद पूरी हुई कार्रवाई
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोमवार को नगर निगम की टीम जूना सोमवारिया क्षेत्र पहुंची और वहां बने 20 कच्चे मकानों को गिरा दिया. यह वही क्षेत्र है जहां पहले भी कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन कोर्ट से स्टे मिलने के कारण उसे रोकना पड़ा था. अब स्टे हटने के बाद निगम ने लंबित कार्रवाई पूरी कर दी.
पहले ही दी गई थी सूचना, खाली मिले मकान
नगर निगम ने कार्रवाई से दो दिन पहले ही लोगों को नोटिस देकर सूचित कर दिया था. इसी वजह से अधिकांश घर पहले से ही खाली मिल गए. इसके बाद निगम की टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से एक-एक कर सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया. मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था, लेकिन किसी तरह का विरोध सामने नहीं आया.
17 लोगों ने लिया था कोर्ट से स्टे
नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर के मुताबिक, इस इलाके में अतिक्रमण करने वाले 17 लोगों ने कोर्ट से स्टे हासिल कर लिया था, जिसके कारण कार्रवाई रोकनी पड़ी थी. शनिवार को स्टे समाप्त हो गया, जिसके बाद सोमवार को कार्रवाई को अंजाम दिया गया.
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
दरअसल, सिंहस्थ क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत 18 अक्टूबर 2024 को भी निगम ने जूना सोमवारिया में बड़ी कार्रवाई की थी. उस दौरान 67 मकानों और 10 गोदामों को ध्वस्त किया गया था. हालांकि, कुछ लोगों द्वारा स्टे लेने के कारण शेष मकान बच गए थे.
कोर्ट स्टे के दौरान तीन और मकान बना लिए गए थे, जिससे कुल संख्या 20 तक पहुंच गई. कोर्ट से अंतिम फैसला आने के बाद अब सभी बचे हुए अवैध मकानों को भी हटा दिया गया है, जिससे इस क्षेत्र में अतिक्रमण पूरी तरह साफ हो गया.
सिंहस्थ को देखते हुए अभियान जारी
प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए शहर में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है. आने वाले समय में भी ऐसे ही सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो.











