MP का वनतारा उज्जैन में होगा तैयार; CM मोहन ने कहा- दो जगहों पर वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर, जंगल जू सफारी भी

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2026 में इस वन्य जीव केन्द्र के फेज-1 का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाए और जितनी जल्दी हो सके, वन्य जीव केन्द्र तैयार हो जाए, जिससे उज्जैन को एक बेहतरीन फॉरेस्ट टूरिज्म स्पॉट (सफारी एक्सपीरियंस के साथ) के रूप में ख्याति मिल सके.

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MP का वनतारा उज्जैन में होगा तैयार; CM मोहन ने कहा- दो जगहों पर वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर, जंगल जू सफारी भी

MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने सीएम हाउस में उज्जैन वन्य जीव केन्द्र की योजना पर कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों के साथ बैठक कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन, विशेषकर वन्य पर्यटन, को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है. इसी कड़ी में उज्जैन और जबलपुर में अत्याधुनिक वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं. दोनों ही परियोजनाओं के लिए कंसल्टेंट नियुक्त कर दिए गए हैं और जल्द ही प्रदेश को दो नए वन्य जीव केन्द्रों का लाभ मिलेगा.

उज्जैन में वनतारा; 500 हैक्टेयर में तैयार होगा विश्वस्तरीय 'जंगल चिड़ियाघर सफारी'

सीएम डॉ. यादव ने कंसल्टेंट को निर्देश दिए कि उज्जैन में तैयार होने वाला वन्य जीव केन्द्र 'वनतारा' की तर्ज पर विकसित किया जाए, जिसमें दुनिया के विभिन्न जंगलों का अनुभव एक ही स्थान पर मिल सके. प्रस्तावित केंद्र लगभग 500 हैक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा, जिसमें 50 हैक्टेयर में पहले से निर्मित ईको टूरिज्म पार्क को भी शामिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह केन्द्र अनोखा और आकर्षक होना चाहिए, जिसकी वन एवं वन्य प्राणियों की विविधता देश के अन्य सेंटरों से अलग हो. लक्ष्य है कि वर्ष 2026 में फेज–1 का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाए, ताकि उज्जैन को जल्द ही एक प्रमुख फॉरेस्ट टूरिज्म स्पॉट के रूप में पहचान मिल सके.

दिन और रात दोनों समय मिलेगा सफारी का अनुभव

सीएम ने बताया कि उज्जैन का वन्य जीव केन्द्र इस तरह विकसित किया जाएगा कि विजिटर्स दिन और रात दोनों समय सफारी का आनंद ले सकें. बैठक में केन्द्र के डिजाइन, निर्माण प्रक्रियाओं और टूरिज्म विभाग के साथ संयुक्त रूप से इसे भव्य स्वरूप देने पर विस्तार से चर्चा की गई.

11 जंगलों का अनुभव, 300 से अधिक प्रजातियां

कंसल्टेंट फर्म ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रस्तावित केन्द्र में करीब 500 हैक्टेयर क्षेत्र में देश-दुनिया के 11 जंगलों का वास्तविक अनुभव कराया जाएगा.

  • निर्माण 6 चरणों में पूरा होगा
  • 2026 में पहला चरण (सेंटर फॉर्मेशन) शुरू
  • 2027 के अंत तक फेज–1 पूरा करने का लक्ष्य

केंद्र में 300 से अधिक देशी–विदेशी प्रजाति के जंगली जानवर होंगे, जिनमें देशी और विदेशी प्रजातियों का अनुपात क्रमशः 75 और 25 प्रतिशत रहेगा. वन्य जीव केन्द्र में ‘इनविज़िबल फेंसिंग' वाला खुला जंगल भी होगा, जहां पर्यटक पैदल, बग्घी, सफारी और सेवा वाहनों से भ्रमण कर सकेंगे. साथ ही एक अत्याधुनिक रेस्क्यू सेंटर भी स्थापित किया जाएगा. कंसल्टेंट फर्म ने दावा किया कि विश्व में पहली बार असली ‘जंगल–चिड़ियाघर सफारी' का अनुभव उज्जैन में विकसित होने वाले इस वन्य जीव केन्द्र में मिलेगा.

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