ट्विशा शर्मा का दूसरा PM कब, शव कितने दिन तक कैसे रह सकता है सुरक्षित? फोरेंसिक एक्सपर्ट से जानिए, -80 डिग्री का सच क्या?

ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को मौत के बाद अब उसका दोबारा पोस्टमार्टम होना है. भोपाल एम्स की मोर्चरी में रखे शव को 11 दिन हो गए हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या शव पूरी तरह सुरक्षित है. किसी शव को कितने दिन तक कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है? इसे लेकर NDTV ने Forensic Expert डॉ. डीके सतपथी से बात की तो उन्होंने कहा कि -80°C तापमान के बिना भी शव कई साल तक सुरक्षित रह सकता है. जानिए, कैसे?

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भोपाल: ट्विशा शर्मा की मौत को 11 दिन हो गए हैं, उसका शव भोपाल एम्स की मोर्चरी में रखा है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की परिवार की गुहार मंजूर कर ली है. लेकिन, आज 23 मई को पीएम होगा इसकी उम्मीद कम है. क्योंकि, हाईकोर्ट का आर्डर जाने के बाद दिल्ली एम्स के डॉक्टर्स का पैनल तैयार किया जाएगा. उसके बाद ही पीएम हो सकेगा. इस कारण यह साफ नहीं है कि पोस्टमार्टम आज होगा या फिर 24 मई को.  

बता दें कि ट्विशा शर्मा की मौत के सात दिन बाद ही भोपाल एम्स की ओर से शव के डिकंपोज होने की बात कही गई थी. पुलिस से शव ले जाने के लिए कहा गया है. लेकिन, परिजन की दोबारा पोस्टमार्टम की मांग के कारण मामला अटका हुआ था. भोपाल कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर परिवार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद पिरवार को राहत मिली. How Long Can a Body Be Safely Preserved? चलिए, अब इस सवाल का जवाब तलाशते हैं. 

Forensic Expert डॉ. डीके सतपथी से NDTV की खास बातचीत 

ट्विशा शर्मा की मौत को 12 मई 2026 की रात हुई थी, ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि शव को कितने दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है, क्या सच में इसे माइनस 80 डिग्री टेम्परेचर में रखना जरूरी है? इस तरह के तमाम सवालों के लिए NDTV ने फोरेंसिक एक्सपर्ट और मेडिको लीगल संस्थान मध्यप्रदेश के पूर्व संचालक डॉ. डीके सतपथी से बात की. 

उनका कहना है कि शव को एक साल तक भी सुरक्षित रखा जा सकता है. -4 डिग्री पर भी शव एक-दो महीनों तक डिकंपोज नहीं होगा. उन्होंने कहा- पता नहीं कहां से शिगूफा छोड़ दिया गया. आइए, विस्तार से जानते हैं Forensic Expert ने क्या-क्या बताया...? 

सामान्य फ्रीजर (-4°C) पर भी 1-2 महीने तक डिकंपोज नहीं होगी

फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. डीके सतपथी ने बताया कि कभी किसी शव को -80 डिग्री पर रखने की जरूरत नहीं पड़ती. इसलिए मध्य प्रदेश में इस तरह की व्यवस्था नहीं है. उन्होंने, शव बहुत अधिक दिनों तक सुरक्षित रखना हो तो उसके और भी तरीके हैं. उन्होंने कहा- पहली बात, अगर किसी शव को शुरुआत में -4 डिग्री सेल्सियस पर रखा गया है और लगातार इस तापमान को  मेंटेन (Maintain) किया जाए तब भी बॉडी 1 से 2 महीनों तक डिकंपोज नहीं होगी. 

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माइनस 80 तक के फ्रीज की आवश्यकता ही नहीं है

फोरेंसिक एक्सपर्ट (Forensic Expert) डॉ. सतपथी के अनुसार, बड़ी कंपनियां भी माइनस 18 से -12 तक का ही फ्रीज बनाती हैं. माइनस 80 तक के फ्रीज की कभी जरूरत ही नहीं पड़ी, इसी आवश्यकता ही नहीं है. इस कारण ऐसी व्यवस्थाएं नही हैं.   

फॉर्मलीन से एक साल से अधिक भी सुरक्षित रह सकता है शव 

उन्होंने कहा कि माइनस 12 से 18 डिग्री सेल्सियस पर भी शव कुछ महीने तक सुरक्षित रहता है. -80 डिग्री सेल्सियस पर बॉडी रखने का शिगूफा पता नहीं कहां से और कैसे आ गया, जबकि ऐसा कुछ नहीं है. अगर, फॉर्मलीन का इंजेक्शन दे दिया जाए शव को एक ही नहीं, उससे भी अधिक साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है, उसे कुछ भी नहीं होगा. 

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