ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ की रात भोपाल सेंट्रल जेल में गुजरी. सेंट्रल जेल में दोनों की पहली रात एक सामान्य कैदी की तरह ही बीती. उन्होंने जेलर से कोई डिमांड या शिकायत नहीं की और दोनों लाइन में लगकर खाना लिया. जेल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को कैदी नंबर 71 दिया गया है. वहीं उनके बेटे समर्थ सिंह को जेल की बैरक नंबर-4 में कैदी नंबर 1782 मिला है. दोनों को सुरक्षा कारणों से अलग-अलग बैरकों में रखा गया है.
लाइन में लगकर लिया खाना
जेल सुपरिटेंडेंट राकेश भांगरे के मुताबिक, जेल में बंद विचाराधीन कैदी गिरिबाला और समर्थ ने जेल में पहली रात बिताई. हालांकि उन्होंने पहली रात कोई डिमांड या शिकायत नहीं की. दोनों ने लाइन में लगकर रात का खाना और सुबह का नाश्ता लिया. इसके अलावा दोनों ही अपनी बैरक में आराम से सोये. वहीं गिरिबाला और समर्थ का जेल के अंदर मेडिकल परीक्षण होगा. उसके बाद साथ में लाई गई दवाइयां दी जाएगी.
सुनवाई के दौरान पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरीबाला सिंह ने जेल में अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई थी. उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें भोपाल सेंट्रल जेल में सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, क्योंकि उनके द्वारा पहले दिए गए कई फैसलों के कारण सजा पाए कुछ कैदी भी उसी जेल में बंद हैं.
बुधवार सुबह भोपाल सेंट्रल जेल में गिरिबाला और समर्थ से मिलने बड़ा बेटा सिद्धार्थ पहुंचा. हालांकि प्रहरी ने जेल में अंदर जाने से रोका, जिसके बाद सिद्धार्थ ने अपना वायुसेना का आई कार्ड दिखाया. बता दें कि जेल में बन्द विचाराधीन कैदी से भी मुलाकात से पहले अनुमति लेनी होती है.
सुनवाई के दौरान तनावपूर्ण माहौल
मंगलवार को रिमांड पूरी होने के बाद सीबीआई ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश किया गया. इस सुनवाई में पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में अपने पक्ष की पैरवी खुद की. इस दौरान उनकी और ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पेश हुए वकील अनुराग श्रीवास्तव के बीच तीखी बहस देखने को मिली. गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि जबलपुर जिला कोर्ट परिसर में उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ वकील अनुराग श्रीवास्तव ने धक्कामुक्की और हाथापाई की. इस पर अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि यदि ऐसा कोई घटनाक्रम हुआ है तो कोर्ट परिसर के CCTV फुटेज की जांच कराई जानी चाहिए. जज के सामने ही हाथापाई की नौबत आ गई, जिससे वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया.
16 जून तक न्यायिक हिरासत में है गिरिबाला-समर्थ सिंह
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने दोनों आरोपियों की रिमांड नहीं मांगी. CBI ने कोर्ट में कहा कि जरूरत पड़ने पर दोनों आरोपियों को रिमांड पर लिया जा सकता है. जिसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर 16 जून 2026 तक जेल भेज दिया.
ये भी पढ़ें: ट्विशा केस: रिटायर्ड जज गिरिबाला बनी कैदी नंबर 71, बदला अपना वकील; जेल के छोटे गेट पर हुई नाखुश











