क्या 20 लाख के शेयरों और वियतनाम ट्रिप ने ली ट्विशा की जान ? अब गिरिबाला-समर्थ से आमने-सामने होगी पूछताछ

ट्विशा शर्मा शर्मा मौत मामले में पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई जांच तेज हो गई है. अब जांच एजेंसी मां-बेटे को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है. इस केस में 20 लाख के शेयरों पर दबाव और वियतनाम ट्रिप विवाद जांच की मुख्य कड़ी बनकर उभरे हैं.

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Twisha Sharma Murder Mystery: भोपाल का सबसे हाई-प्रोफाइल अभिनेत्री-मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामला अब एक अहम मोड़ पर है.सीबीआई ने इस मामले में एक बड़ा कदम उठाते हुए ट्विशा की सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को सबूतों से छेड़छाड़ और उन्हें नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है. ट्विशा के पति समर्थ सिंह पहले से ही सलाखों के पीछे हैं और अब जांच टीम इन दोनों मां-बेटे को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है. सीबीआई का मुख्य फोकस शादी के कुछ समय बाद से ही ट्विशा को मिलने वाले दहेज के तानों, वियतनाम ट्रिप को लेकर हुए विवाद और उसके नाम पर मौजूद 20 लाख रुपये के शेयरों को जबरन अपने नाम ट्रांसफर कराने के लिए बनाए जा रहे दबाव की कड़ियों को जोड़ना है.

पूछताछ और स्पॉट वेरिफिकेशन के बाद एक्शन

पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की यह गिरफ्तारी सीबीआई द्वारा की गई तीन दिनों की गहन पूछताछ, स्पॉट वेरिफिकेशन, फॉरेंसिक मैपिंग और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच के बाद हुई है. सीबीआई को शुरुआती पड़ताल में ऐसे पुख्ता संकेत मिले हैं कि 12 मई की रात कटारा हिल्स स्थित घर में वास्तव में क्या हुआ था और उसे छिपाने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड्स और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की क्या कोशिशें की गईं? अब हिरासत में मां और बेटे को एक साथ बिठाकर पूछताछ करने से उस रात के असल घटनाक्रम और उसके पीछे की साजिश का पर्दाफाश होने की उम्मीद है.

20 लाख के शेयर, वियतनाम ट्रिप के बाद बदला सब

ट्विशा की मौत के पीछे पारिवारिक कलह, लालच और मानसिक क्रूरता का एक बेहद खौफनाक ताना-बाना सामने आ रहा है. मृतका के परिवार द्वारा अदालत में सौंपे गए दस्तावेजों के मुताबिक, शादी के कुछ वक्त बाद ही इस रसूखदार परिवार का असली चेहरा सामने आ गया था.

शादी में मायके पक्ष की ओर से दिए गए तमाम उपहारों और दहेज को बार-बार "उनके स्तर से कम" बताकर ट्विशा को जलील किया जाता था. यह विवाद तब और ज्यादा बढ़ गया जब वियतनाम यात्रा से लौटने के बाद ट्विशा को लगातार प्रताड़ित किया गया. इसी बीच जब समर्थ के परिवार को यह पता चला कि ट्विशा के नाम पर अलग-अलग कंपनियों के करीब 20 लाख रुपये मूल्य के शेयर हैं, तो समर्थ और उसकी मां गिरिबाला सिंह उन शेयरों को अपने नाम लिखवाने के लिए उस पर चौतरफा दबाव बनाने लगे.

जांच एजेंसी अब यह साफ करने में जुटी है कि क्या आर्थिक हितों का यह टकराव ही घर के भीतर चल रहे तनाव की सबसे बड़ी वजह था.

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चरित्र पर संदेह और गर्भपात कराने का अमानवीय दबाव

इस मर्डर मिस्ट्री का सबसे दर्दनाक और स्याह पहलू ट्विशा की गर्भावस्था से जुड़ा हुआ है. मायके पक्ष का आरोप है कि ट्विशा पर गर्भपात कराने का बेहद अमानवीय दबाव बनाया जा रहा था. हद तो तब हो गई जब गर्भ में पल रहे बच्चे  पिता पर ही सवाल खड़े कर दिए गए और ट्विशा से साफ कह दिया गया कि गर्भपात कराने के बाद ही उसे इस परिवार में स्वीकार किया जाएगा. पिछले कई महीनों के फोन कॉल्स और मैसेजेस की समीक्षा में यह बात भी सामने आई है कि ट्विशा ने कई बार अपने माता-पिता को फोन पर रोते हुए बताया था कि उसके साथ मारपीट होती है. अप्रैल के महीने में राजस्थान में अपने परिवार से आखिरी मुलाकात के दौरान भी उसने भरे गले से कहा था कि उसका पति और सास उसके चरित्र पर कीचड़ उछालते हैं और उसे अपमानित करते हैं. सीबीआई अब इन सभी गंभीर आरोपों को 12 मई की रात हुई घटना की मुख्य कड़ी मानकर जांच को आगे बढ़ा रही है.
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