सिर्फ डॉग ही नहीं बल्कि बिल्ली का पंजा मारने से भी रेबीज का संक्रमण हो सकता है, जी हां यह सच है. मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों को भी हैरत में डाल दिया. गजरा राजा मेडिकल कॉलेज में 13 वर्षीय बच्चे की पालतू बिल्ली के हमले से रेबीज होने के कारण मौत हो गई. बच्चे में हाइड्रोफोबिया (पानी से डर लगना) के गंभीर लक्षण दिख रहे थे.
तेजी से बिगड़ी हालत
13 वर्षीय मृतक निर्मल मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा का रहने वाला था. परिजनों के मुताबिक, बेटे को शुक्रवार को घर की पालतू बिल्ली ने पंजा मार दिया था. सोमवार सुबह बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई देने लगा. हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने ग्वालियर रेफर कर दिया. परिजन मासूम को गंभीर हालत में ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल यानी गजरा राजा मेडिकल कॉलेज में लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. बता दें कि बिल्ली के पंजा मारने से रेबीज होने का यह पहला मामला है.
खेल-खेल में बिल्ली ने मारा था पंजा
मृतक बच्चे के पिता देवेंद्र ने बताया कि बच्चे को बिल्ली ने खेल-खेल में पंजा मारा था. पिता के मुताबिक, बिल्ली पालतू थी इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया. देखते ही देखते निर्मल में अजीब तरह की हरकतें देखने को मिली और बच्चा तरह-तरह से विचलित होता हुआ दिखाई दिया. जिसके बाद प्राइवेट अस्पताल में ले गया, लेकर डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर अस्पताल रेफर कर दिया.
मासूम में हाइड्रोफोबिया के लक्षण थे
विभागाध्यक्ष डॉ.मनोज बंसल का कहना है कि बच्चे की केस हिस्ट्री के बाद उसे बाल रोग विभाग रेफर किया गया था, लेकिन समय पर बच्चे को एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं दिया गया. उसे हाइड्रोफोबिया (पानी से डर लगना) के गंभीर लक्षण देखने को मिले और उसकी मौत हो गई. बच्चे के संपर्क में रहे परिजनों को भी एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है.
इस घटना के बाद GRMC का PSM विभाग भी अलर्ट मोड पर है और डॉक्टर्स पालतू जानवरों से भी सावधानी बरतने में की सलाह दे रहे हैं. मनोज बंसल ने कहा कि स्ट्रीट (आवारा) या पालतू जानवर के काटने या पंजा मारने पर एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं.
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