आर्टिफिशयल इंटलीजेंस से लैस होंगे सरकारी दफ्तर, MP में 5 माह में AI टूल्स से प्रशिक्षित होंगे 5000 कर्मचारी-अधिकारी

AI Training Program: एआई की चर्चा पूरे विश्व में है और डिजिटल और तकनीकी युग मेंं बदलते सरकारी विभागों की कार्यशैली के क्रम में  शासकीय विभाग भी तेजी से हाईटेक हो रहे हैं. अभी तक इसका चलन निजी संस्थानों तक सीमित था, लेकिन अब शासकीय विभाग भी एआई से कदमताल करता दिखेगा.

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GOVERNMENT OFFICES OF MADHYA PRADESH WILL BE AI EQUIPPED

AI Equipped Government Office: आर्टिफिशियल इंटलीजेंस (Artificial Intellegence) के प्रभाव का असर है कि अब सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों को एआई ट्रेनिंग दी जा रही है. शासकीय विभागों की उत्पादता और पारदर्शिता बढ़ाने की मंशा से सीहोर जिले में अब तक 1000 कर्मचारी एआई टूल्स ट्रेनिंग ले चुके हैं. 

ई गवर्नेंस विभाग शासकीय विभागों में उत्पादता और पारदर्शिता बढाने की मंशा से सरकार एआई टूल्स का प्रशिक्षण प्रोग्राम चला रही है. अलग-अलग बेचों में ट्रेनर शासकीय विभागोंं में कार्यरत अफसर, बाबू और कर्मचारियों को इसके बारे में जानकरी दे रहे हैं, जो डिजिटल इंडिया की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

एआई की चर्चा पूरे विश्व में है और डिजिटल और तकनीकी युग मेंं बदलते सरकारी विभागों की कार्यशैली के क्रम में  शासकीय विभाग भी तेजी से हाईटेक हो रहे हैं. अभी तक इसका चलन निजी संस्थानों तक सीमित था, लेकिन अब शासकीय विभाग भी एआई से कदमताल करता दिखेगा.

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एआई को समझने के लिए जिला मुख्यालय में चल रहे हैं ट्रेनिंग प्रोग्राम

रिपोर्ट के मुताबिक ई-गवर्नेंस विभाग ने शासकीय विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटलीजेंस टूल्स को समझने के लिए विभिन्न जिला मुख्यालय में ट्रेनिंग प्रोग्राम चल रहे हैं. विभाग कलेक्टे्रट परिसर स्थित ई-दक्ष केन्द्र मेंं ई-गवर्नेस के माध्यम से एआई-टूल्स प्रोग्राम में दक्ष बनाने के लिए ट्रेनर जतन कर रहे हैं.

सीहोर में एआई टूल्स की ट्रैनिंग लेते अधिकारी और कर्मचारी

एआई की मदद से सरकारी कार्यालयों में उत्पादता बढाना है मकसद

हेड एआई ट्रेनर अभिनव मोदी ने बताया कि सरकारी विभागों में कार्य उत्पादता बढाने  के उदेश्य से एआई ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरु किया गया है. उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को पत्र, ईमेल, नोटशीट, फोटो और वीडियो की ड्राफ्टींग कर कैसे समय की बचत की जा सकती है, सिखाया जा रहा है. 

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हेड एआई ट्रेनर बताया कि कर्मचारियों को एआई टूल्स के उपयोग करने की प्रैक्टिस करवाई जा रही है, इस प्रशिक्षण के बाद अधिकारियों को टेक्नीकल कार्य के लिए अपने अधीनस्थ्य स्टाफ की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे समय का उपयोग होगा, कम समय में बेहतर कार्य होगा.

सीहोर में एक हजार अधिकारी और कर्मचारी को मिल चुका है प्रशिक्षण

गौरतलब है सीहोर जिले में जनवरी 2026 से एआई ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत की गई है. ट्रेनर बबिन मिश्रा ने बतायाकि जिले में अभी तक एक हजार अधिकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और पांच महीने में 5 हजार कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है. उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान लोगों को एआई तकनीक के उपयोग और प्रैक्टिस करवाते हैं.

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