Video: महिला ने 83 मिनट में 3 बच्चों को दिया जन्म, इनमें दो बेटे और एक बेटी, चार की पहले से मां है

83 Minutes, 3 Babies: Satna Woman Gives Birth to Triplets: पन्ना की एक महिला ने सतना जिला अस्पताल में 83 मिनट में तीन बच्चों को जन्म दिया. परिजनों ने बताया कि कंचन के पहले से चार बच्चे हैं, जिनकी उम्र 11, 9, 7 और 5 वर्ष है. 35 साल की उम्र में कंचन सात बच्चों की मां बन गई है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Medical Marvel in Satna: Woman Gives Birth to Triplets; All Healthy

Rare Feat at Satna District Hospital: 34-Year-Old Woman Delivers Triplets: मध्य प्रदेश के सतना में एक महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया. 83 मिनट के अंतराल में जन्में तीन बच्चों में दो बेटे और एक बेटी है. तीनों बच्चे और मां पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं. 34 साल की प्रसूता पहले से चार बच्चों की मां है. फिलहाल, तीनों नवजात और उनकी मां को पीएनसी वार्ड में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है. 

यह पूरा मामला सतना जिला अस्पताल का है. पन्ना जिले के  उजनेही थाना सलेहा में रहने वाली कंचन सोनी (34) पत्नी रमेश सोनी को प्रसव पीड़ा होने पर रिववार 26 अप्रैल की शाम परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कर उसकी जाचं की गई, इस दौरान उसके गर्भ में तीन शिशुओं की पुष्टि हुई. इसे देखते हुए डॉक्टरों ने प्रसूता को बेहतर उपचार के लिए सतना जिला असपताल रेफर कर दिया. 

83 मिनट ने तीन बच्चों का जन्म 

सोमवार 27 अप्रैल की शाम महिला को तेज लेबर पेन शुरू हुआ. इसके बाद उसने 83 मिनट में तीन बच्चों को जन्म दिया. पहला बच्चा रात 10:34 बजे, दूसरा 10:45 बजे और तीसरा 11:57 बजे पैदा हुआ. जन्मे तीनों बच्चों में दो बेटे और एक बेटी शामिल है. डॉक्टरों ने उनका वजन क्रमश: 2 किलोग्राम, 2.300 किलोग्राम और 2.650 किलोग्राम बताया है, जो सामान्य माना जा रहा है. 

Advertisement

11, 9, 7 और 5 वर्ष के चार बच्चे पहले से 

प्रसूता के परिजनों के अनुसार, कंचन के पहले से चार बच्चे हैं, जिनकी उम्र 11, 9, 7 और 5 वर्ष है. उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के पांचवें महीने में सोनोग्राफी कराने पर ट्रिपलेट गर्भ की जानकारी मिल गई थी. बिना ऑपरेशन के बच्चों का जन्म होने से परिवार खुश है. 

मां और तीनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ

गायनी विभाग की एचओडी डॉ. मंजू सिंह ने बताया कि सामान्य प्रसव से तीनों बच्चों का जन्म होना एक सकारात्मक पहलू है. मां और सभी नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं. विशेषज्ञों की निगरानी में उनकी देखभाल की जा रही है.

Advertisement

समुद्री पानी से निकाला ‘चमकता बैक्टीरिया', वडोदरा के छात्रों का कमाल, 11 महीने की रिसर्च से मिली वैज्ञानिक उपलब्धि 

Featured Video Of The Day
West Bengal Elections 2026: UP के 'सिंघम' की एंट्री, IPS अजय पाल ने TMC नेता को दी खुली चेतावनी